तीनो आरोपियों को सात दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने की मांग वाली अज़ीर् दे कर एटीएस की ओर से कहा गया कि आरोपियों के पास से लैपटॉप, पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल, लाइसेंस, पहचान पत्र, आधार, पैन और कंवर्जन रजिस्टर बरामद हुआ है।
जरूरतमंद व असहाय लोगों को प्रलोभन और धोखा देकर हजारों का धर्मांतरण कराने के मामले में एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए राहुल भोला, इरफान शेख उर्फ इरफान खान और मन्नू यादव उर्फ अब्दुल मन्नान को पांच दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने का आदेश एटीएस के विशेष एसीजेएम सुनील कुमार ने दिया है। एटीएस आरोपियों को 2 जुलाई से 7 जुलाई तक रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकेगी।
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तीनो आरोपियों को सात दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने की मांग वाली अज़ीर् दे कर एटीएस की ओर से कहा गया कि आरोपियों के पास से लैपटॉप, पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल, लाइसेंस, पहचान पत्र, आधार, पैन और कंवर्जन रजिस्टर बरामद हुआ है। कहा गया कि इरफान साइन लैंग्वेज का जानकार है जबकि बाकी के दोनों मूकबधिर है। वहीं आरोपियों ने देश विरोधी संस्थाओं के निर्देश पर षड्यंत्र के तहत मूकबधिर लोगों का धर्म परिवर्तन करके जनसंख्या संतुलन को बदलने के साथ ही उनको अपने मूल धर्म के विरुद्ध करके वैमनस्यता फैलाई।
कहा गया कि आरोपियों से इस्लामिक सेंटर, फातिमा चैरिटेबल ट्रस्ट और मजलिस अल्फ लाह ट्रस्ट की जानकारी के साथ ही अवैध रूप से किये गए धर्मांतरण प्रमाण और विवाह प्रमाण पत्रों व अन्य संगठनों की जानकारी करनी हैै। कोर्ट में एटीएस ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न धर्मों के लोगों का प्रलोभन और धोखा देकर धर्मांतरण के आरोपों को लेकर आरोपियों को एटीएस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी करते हुए एक षड्यंत्र के तहत दो समुदायों में वैमनस्यता पैदा करने एवं धार्मिक उन्माद के अलावा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम का अपराध किया है।