धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी उमर गौतम से जुड़े खातों की जांच आयकर विभाग भी शुरू कर सकता है। इसके लिए एटीएस ने खातों का ब्योरा आयकर विभाग से साझा की है। इसमें बताया है कि उमर की संस्था इस्लामिक दावाह सेंटर व फातिमा चैरिटेबल ट्रस्ट के खातों में अवैध लेनदेन हुआ है। उधर, प्रवर्तन निदेशालय पहले से इन खातों की जांच कर रहा है।
एटीएस के अधिकारियों का कहना है कि दोनों संस्थाओं ने कभी आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया। जबकि इन खातों में खाड़ी देशों से बड़ी रकम आई। इसलिए एटीएस आरोपियों पर फेमा लगाने के लिए कानूनी राय ले रही है।
उधर, उमर गौतम और जहांगीर आलम की सात दिनों की रिमांड बुधवार सवेरे 11 बजे पूरी हो जाएगी। एटीएस के मुताबिक इन दोनों से अभी बहुत कुछ उगलवाना बाकी है। ऐसे में इनकी रिमांड और आठ दिन बढ़ाने के लिए कोर्ट को अर्जी दी जाएगी।
वहीं, धर्मांतरण मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। उमर व जहांगीर ने जो जानकारी दी है, उसकी छानबीन की जा रही है। साथ ही दोनों के करीबियों पर भी नजर रखी जा रही है। आईजी एटीएस जीके गोस्वामी का कहना है कि बिना साक्ष्य के किसी को भी जेल नहीं भेजा जाएगा। वहीं, सूत्रों का कहना है कि एटीएस इस मामले में मूक-बधिरों की भाषा समझने वाले दो लोगों की मदद ले रही है। इनकी सहायता से ही मन्नू यादव उर्फ मन्नाव व राहुल भोला की गिरफ्तारी हुई है।