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UP News: उपभोक्ता से पूछे बिना स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में बदलने को लेकर विवाद, बिजली बिल बढ़ने की भी शिकायत

Sun, 05 Apr 2026 07:43 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी में उपभोक्ता से पूछे बिना स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में बदलने को लेकर विवाद खड़ा हो रहा है। इसको लेकर अधिशासी अभियंताओं को पत्र भेजे गए हैं। पुराने कनेक्शन धारकों ने बिल बढ़ने की भी शिकायत की है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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प्रीपेड स्मार्ट मीटर। (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में अब स्मार्ट मीटर के प्रीपेड और पोस्टपेड होने को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना उनकी अनुमति लिए उनके मीटर को प्रीपेड कर दिया गया है। वे अपने मीटर को पोस्टपेड करने के लिए अधिशासी अभियंता को पत्र लिख रहे हैं। सभी कार्यालयों में इस आशय के पत्रों की संख्या बढ़ने लगी है।

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प्रदेश में 78 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इसमें 70.50 लाख उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है। पिछले दिनों लोकसभा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने बयान देकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने साफ कहा कि बिना उपभोक्ता की इजाजत लिए मीटर को पोस्ट या प्रीपेड में नहीं बदला जा सकता है। यह उपभोक्ता पर निर्भर करता है कि वह प्रीपेड मीटर लगवाना चाहता है अथवा पोस्टपेड।

मीटर को पोस्टपेड में बदलने के लिए आ रहे आवेदन

उनके इस बयान के सामने आने के बाद ऊर्जा विभाग के कार्यालयों में बिना अनुमति प्रीपेड किए गए मीटरों को पोस्टपेड में बदलने के लिए आवेदन आने लगे हैं। अधिशासी अभियंताओं का कहना है कि काम का बोझ पहले से है। ऐसे में मीटर को लेकर शुरू हुआ नया विवाद अब अलग तरह की समस्या लेकर आया है। जबकि पॉवर कॉर्पोरेशन से उन्हें प्रीपेड मीटर लगाने का ही आदेश दिया गया था। 

कॉर्पोरेशन के अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। निदेशक (वाणिज्य) प्रशांत वर्मा कहते हैं कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ता के लिए ज्यादा फायदेमंद है। वह जितनी बिजली खर्च करेगा, उतने रुपये जमा करते रहेगा। ऐसे में उस पर एकमुश्त भार नहीं पड़ेगा।

जबरन प्रीपेड मीटर लगाना कानून का उलंघन- वर्मा

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने जबरन प्रीपेड मीटर लगाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और ऊर्जा सचिव को पत्र भेजा है। 

पत्र में आरोप लगाया कि प्रदेश के उपभोक्ताओं के यहां जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है, जबकि पहले उपभोक्ताओं की सहमति लेना अनिवार्य है। बिना उपभोक्ता से पूछे प्रीपेड मीटर लगाना विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 47(5) का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने मांग की है कि राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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केस 1

लखनऊ के नीलमथा निवासी प्रमोद कुमार ने अधिशासी अभियंता (मीटर) को पत्र लिखकर बिना अनुमति के प्रीपेड मीटर लगाने का आरोप लगाया है। बताया कि 14 साल पुराना कनेक्शन है। सोलर भी लगा हुआ है। प्रीपेड मीटर लगने से पहले से ज्यादा बिल आ रहा है। उन्होंने प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलने की गुहार लगाई है।

केस 2

जौनपुर निवासी राम अवध सिंह का आरोप है कि मीटर बदलने के नाम पर उनके यहां प्रीपेड मीटर लगा दिया गया। जबकि वह पोस्टपेड की मांग कर रहे थे। उन्होंने भी बिना अनुमति लगाए गए मीटर को पोस्टपेड में बदलने की मांग की है।
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