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318 गांवों में रुकेगी बिजली चोरी, आपूर्ति भी सुधरेगी

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नरेश शर्मा
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राजधानी के 318 गांवों में बिजली चोरी पर लगाम लगेगी और आपूर्ति भी सुधरेगी। साथ ही तार टूटने पर किसी व्यक्ति या मवेशी की जान भी नहीं जाएगी। इसके लिए विभाग एरियल बंच कंडक्टर (एबीसी) बिजली सप्लाई का नेटवर्क बनाने जा रहा है। जर्जर लोहे के तारों को हटाकर एबीसी केबल बिछाया जाएगा।
बख्शी का तालाब, मोहनलालगंज, सेस प्रथम, सेस दो और सेस तीन मलिहाबाद वितरण खंड के तहत जर्जर तार उन्हीं गांव के बदले जाएंगे, जिनकी आबादी 700, 800 और 999 लोगों की है। इस कार्य पर अनुमानित 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसका टेंडर भी हो चुका है। यह काम केंद्र सरकार के सहयोग से किया जाएगा। इसके लिए एशियन डवलपमेंट बैंक रकम मुहैया कराएगी।
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मध्यांचल निगम मुख्यालय के मुख्य अभियंता (सौभाग्य) विवेक श्रीवास्तव के निर्देश पर, गोमतीनगर की एक फर्म ने गांवों के सर्वे का काम शुरू कर दिया है। इसके पूरा होते ही लोहे के तारों को बदलवाने का काम शुरू हो जाएगा। एबीसी केबल बिछने के बाद निर्बाध और पर्याप्त आपूर्ति होगी। साथ ही लाइन के टूटने से न तो कोई ग्रामीण करंट की चपेट में आएगा और न ही किसी मवेशी की मौत होगी। ऐसी घटनाएं होने पर अभी पावर कॉरपोरेशन को मोटा मुआवजा देना पड़ता है। इसके अलावा कटिया लगाकर बिजली चोरी करने की घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। एबीसी केबल बिछाने पर औसतन 3.50 लाख से चार लाख रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आ रहा है।
जानिए किस ब्लॉक में कितने गांव
मध्यांचल निगम के अनुसार, बीकेटी ब्लॉक में 65, चिनहट में 20, गोसाईंगंज में 50, काकोरी में 30, माल में 24, मलिहाबाद में 36, सरोजनीनगर में 50, मोहनलालगंज ब्लॉक में 43 गांव चिह्नित किए गए हैं।
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एक नजर में
आबादी गांव
700 से 999 123
700 से 899 112
900 से 999 83
सर्वे खत्म होते ही शुरू होगा काम
केंद्र सरकार के आर्थिक सहयोग से गांव में बिजली चोरी और लोहे के नंगे तारों से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए एबीसी केबल लगाने का काम किया जाएगा। सर्वे के खत्म होते ही तार बदलने का काम शुरू हो जाएगा।
- सूर्यपाल गंगवार, प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ
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