मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी
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मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने निर्माण कार्यों से संबंधित सभी विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के साथ बैठक कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित समयावधि में कार्यों को पूरा करें। दी गई राशि के उपयोग में अनियमितता या गबन की शिकायत मिलती है, तो संबंधित ठेकेदार और दोषी विभागीय कार्मिकों से वसूली का दायित्व कार्यदायी संस्था होगा। इससे कार्य की प्रगति व उसे पूरा करने की समय सारिणी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत कार्य ई-टेंडरिंग से होना चाहिए और बिना डीपीआर कोई भी कार्य शुरू नहीं होना चाहिए।
इससे पूर्व बैठक में बताया गया कि चालू वित वर्ष में लोक निर्माण विभाग 23761 कार्य 9911 करोड़ रुपये, राजकीय निर्माण निगम 2023 कार्य 5403 करोड़, यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन 2728 कार्य 1728.39 करोड़, यूपी स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड 1842 कार्य 1087 करोड़, यूपी राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड 1751 कार्य 549.32 करोड़, आवास एवं विकास परिषद 222 कार्य 258 करोड़ रुपये की लागत से करवा रहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग नितिन रमेश गोकर्ण भी उपस्थित थे।