सरेनी (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में रविवार रात पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही से एक संविदा कर्मचारी की जान चली गई। बिजली के तार सही करते समय कर्मचारी करंट की चपेट में आ गया। खास बात ये कि बिजली आपूर्ति बंद कराने के बाद भी सप्लाई चालू हो गई। इससे संविदा कर्मचारी की जान चली गई। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
सरेनी थाना क्षेत्र के रानीखेड़ा गांव निवासी राकेश कुमार (40) पुत्र रामस्वरूप सरेनी पावर हाउस में संविदा कर्मचारी था। उसकी ड्यूटी नीबी फीडर में थी। रविवार की रात करीब 10 बजे कुछ लोग राकेश के पास पहुंचे और कहा कि खेत में कंबाइन मशीन चलानी है। हाईटेंशन लाइन के तार ढीले हैं। ढीले तार यदि सही हो जाएं तो कंबाइन मशीन चली जाएगी। इस पर राकेश खेत पर पहुंचा और शटडाउन लेकर तार कस ही रहा था कि बिजली आपूर्ति शुरू हो गई।
इससे राकेश करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। इससे भगदड़ मच गई। राकेश को मौके पर तड़पता देख वहां पर मौजूद लोग उसे छोड़कर भाग गए। पास में एक व्यक्ति भूसा बनवा रहा था। उसने यूपी-112 पुलिस को घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने परिजनों की मदद से राकेश को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। संविदा कर्मचारी की मौत से पत्नी कांती, बेटे आयुष, अंकुश और बेटी अंजली के आंसू नहीं थम रहे हैं। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी।
जांच कराई जाएगी : आरएस कुशवाहा
सरेनी बिजली उपकेंद्र के उपखंड अधिकारी आरएस कुशवाहा का कहना है कि तार सही करने के दौरान संविदा कर्मचारी ने शटडाउन लिया था। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति कैसे शुरू हो गई, इसकी जांच कराई जाएगी। पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद भी दी जाएगी।