लखनऊ। डिप्रेशन के शिकार आलमबाग के सुजानपुरा निवासी वेल्डर जुनैद अंसारी (40) ने रविवार शाम फंदा लगा लिया। उधर, कैंट के रजमन बाजार में रहने वाले सचिन सोनकर (46) ने सोमवार सुबह फंदा लगाकर जान दे दी। दोनों ही घटनाओं में पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला।
जुनैद अंसारी की पत्नी निशा के मुताबिक पति की लेनदेन संबंधी डायरी कहीं खो गई थी। इससे काफी रकम डूब जाने से वह डिप्रेशन में थे। रविवार सुबह निशा पति व परिवार के अन्य लोगों के साथ ठाकुरगंज के हुसैनाबाद स्थित ननद सोनी के घर कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। यहां से कुछ देर बाद जुनैद घर के लिए अकेले निकल गए।
देर शाम निशा घर पहुंचीं तो कमरे में पहुंचने पर उनकी चीख निकल गई। जुनैद छत पर लगे कुंडे से रस्सी के सहारे लटके हुए थे। शोर सुनकर घर के सदस्य पहुंचे और जुनैद को ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जुनैद के तीन बच्चे अरमान, हमजा और आबिद हैं। इंस्पेक्टर आलमबाग सुभाष सरोज के मुताबिक मामले में अभी तक घरवालों ने तहरीर नहीं दी है।
उधर, कैंट निवासी सोनी के मुताबिक पति सचिन सोनकर एपी सेन रोड स्थित लेबर ऑफिस में संविदा पर थे। कुछ दिनों से वह गुमसुम चल रहे थे। उन्होंने कई बार कारण जानने का प्रयास किया, लेकिन सचिन ने कुछ नहीं बताया। सोमवार तड़के जब सोनी नहाने गईं तो सचिन दूसरे कमरे में चले गए। सोनी ने बताया कि वह बाहर निकलीं तो पति पंखे से साड़ी के सहारे लटके मिले। थानाध्यक्ष गुरप्रीत के मुताबिक तहरीर मिलने पर कार्रवाई होगी।