लखनऊ। राजधानी में दो अलग-अलग इलाकों में संविदा कर्मी और ऑटो चालक ने फंदा लगाकर जान दे दी।
मदेयगंज स्थित मशालची टोला बाबा का पुरवा निवासी राजेश कश्यप (46) ट्रॉमा सेंटर में संविदा पर नौकरी करते थे। राजेश के साले विपिन ने बताया कि उनके बहनोई की दो माह पहले नौकरी छूट गई थी। इस वजह से वह काफी डिप्रेशन में थे। राजेश ने शुक्रवार को अपने कमरे में फंदा लगा दिया। परिजनों ने राजेश को फंदे पर देख उन्हें नीचे उतारा और अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पति की नौकरी छूटने के बाद से राजेश की पत्नी दीपांजलि प्राइवेट नौकरी कर रही थीं। वहीं, राजेश का बेटा खदरा में ननिहाल में रहता था।
उधर, ठाकुरगंज के मल्लाही टोला के शांति नगर निवासी अनूप मौर्य (30) ऑटो चलाते थे। अनूप की मां मालती ने बताया कि भैया दूज में वह परिवार के साथ अपने मायके बाराबंकी के बाबागंज गई थीं। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे मोहल्ले में रहने वाला युवक अनूप से मिलने घर गया। कई बार आवाज लगाने पर अनूप ने प्रतिक्रिया नहीं दी। भीतर झांकने पर अनूप का शव फंदे पर लटका मिला। इसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। अनूप के परिवार में पत्नी विनीता और बच्चे हैं। मालती ने बताया कि अनूप शराब पीने के आदी थे।