लखनऊ। सरोजनीनगर के बिजनौर इलाके में सरवननगर निवासी सराफा कारोबारी नरेंद्र कुमार यादव पर भाड़े के शूटरों ने गोली चलाई थी। पुलिस इस मामले में प्रॉपर्टी व पुरानी रंजिश के बिंदु पर पड़ताल कर रही है। पुलिस के हाथ जो सीसीटीवी फुटेज लगा है, उससे साफ है कि गोली चलाने वाले शूटर ही थे। लेकिन यह शूटर पुराने नहीं थे, नौसिखिए थे। दोनों बदमाश सीधे अंदर दाखिल हुए और बिना कुछ बातचीत किए ही नरेंद्र पर गोली चला दी। इससे साफ है कि उनका टारगेट तय था। पुलिस की माने तो नरेंद्र ही इस हमले की असली वजह बता सकते हैं। पुलिस उनकी हालत में सुधार का इंतजार कर रही है।
सरवननगर निवासी नरेंद्र कुमार यादव की घर के नीचले हिस्से में एसएस ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। बुधवार शाम को नरेंद्र अपनी पत्नी विनोद कुमारी के साथ दुकान केअंदर बैठे थे। शाम करीब 4.30 बजे बाइक सवार दो बदमाश दुकान में दाखिल हुए। दोनों के हाथ में पिस्तौल थी। बदमाशों ने बिना कुछ बातचीत किए नरेंद्र पर ताबड़तोड़ कई गोलियां बरसा दीं। निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है जहां उनकी हालत खराब है। वारदात के बाद देर रात को नरेंद्र की बेटी शिखा ने बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
लूट का नहीं था इरादा
एसीपी कृष्णानगर स्वतंत्र सिंह के मुताबिक, बदमाशों का लूट का कोई इरादा नहीं था। यह हमला पुरानी रंजिश या प्रॉपर्टी से संबंधित किसी विवाद के कारण हुआ है। नरेंद्र प्रॉपर्टी का भी कारोबार करते हैं। पुलिस इन्हीं बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है। पुलिस केहाथ कुछ स्थानों केसीसीटीवी फुटेज लगे हैं। जिनमें यह बदमाशों की तस्वीर मिली है। बदमाशों के हुलिये से साफ लग रहा है कि वह शूटर हैं। उनका इरादा लूट का नहीं था। वह नरेंद्र को मारने आये थे। हालांकि वहीं परिवारीजन पुरानी रंजिश की बात से साफ इनकार कर रहे है। परिवारीजन वारदात के पीछे लूट की मंशा जाहिर कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, अगर लूट का इरादा होता तो बदमाश लूटपाट जरूर करते हैं।
आधा दर्जन हिरासत में, पूछताछ जारी
एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आधा दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। वारदात के खुलासे के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। एक टीम बृहस्पतिवार को रायबरेली के बदमाशों की तलाश में जुटी रही। पुलिस वारदात स्थल से लेकर मुख्य मार्ग तक के बीच का सीसीटीवी कैमरों की फुटेज दूसरे दिन भी तलाशती रही। वहीं नरेंद्र से संबंधित पुराने विवादों की भी कुंडली खंगाली जा रही है। नरेंद्र के मोबाइल नंबर की डिटेल निकाली गई है। पुलिस को संदेह है कि बदमाशों ने नरेंद्र पर कई दिनों तक निगरानी की थी। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया है। एडीसीपी के मुताबिक नरेंद्र कुमार यादव की गांव में कुछ लोगों से रंजिश है। वहीं प्रॉपर्टी का विवाद भी सामने आया है। पुलिस इन पहलुओं पर पड़ताल कर रही है।