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लखनऊ में पकड़ा गया 5 क्विंटल घटिया खोवा, सावधानी से करें होली की खरीदारी

Sat, 04 Mar 2017 11:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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पकड़ा गया खोवा
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होली पर घटिया व मिलावटी खोवा की बिक्री रोकने का एफएसडीए का अभियान दूसरे दिन रंग में नजर आया। शुक्रवार को टीम ने प्रभारी अधिकारी व सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में नाका व ठाकुरगंज खोवा मंडी में अलग-अलग छापेमारी की। 
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इस दौरान दोनों ही मंडियों में रैंडम जांच के आधार पर निरीक्षण व परीक्षण में घटिया गुणवत्ता का मिला पांच क्विंटल खोवा जब्त कर इसे नष्ट किया गया। नष्ट किए गए खोवा की बाजार कीमत 1.55 लाख रुपये आंकी गयी। 

इसके साथ ही दोनों ही मंडियों में खोवा बेच रहे दूधियों के पास से लैब जांच को अलग-अलग स्तर पर खोवा के 13 नमूने भी सीलबंद कर भेजे गए हैं। विभाग की एक अन्य टीम ने बालागंज व तेलीबाग इलाकों में खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों की जांच कर दही व पनीर का नमूना भी लैब जांच को भेजा।
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बीते गुरुवार को नाका खोवा मंडी में छापेमारी की सूचना लीक हो जाने के कारण खाली हाथ लौटी एफएसडीए की टीम ने शुक्रवार को नई रणनीति के साथ नाका व ठाकुरगंज खोवा मंडी में एक साथ छापेमारी की। 

दही और पनीर के नमूने भी सील

म‌िलावटी खोवा
इसके लिए गठित एफएसओ की अलग-अलग टीमों ने पुलिस फोर्स का इंतजार किए बिना दोपहर 12 बजे सीधे खोवा मंडी पहुंच कर जांच कार्रवाई शुरू की। अचानक पहुंची एफएसडीए टीम को देखकर दोनों ही खोवा मंडियों में मौजूद दूधियों में हड़कंप मच गया। 

कई दूधिए डोलची में भरा खोवा छोड़कर मौके से भाग निकले। इस दौरान जिला प्रशासन की तरफ से सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार सिंह ने घबराए दूधियों को शांत कराते हुए बताया कि जांच पड़ताल के दौरान कोई उत्पीड़न नहीं होगा। सिर्फ बेचे जा रहे खोवा की जांच को टीम द्वारा नमूना भरा जाएगा। 

इसके बाद जांच टीम में मौजूद एफएसओ ने ठाकुरगंज खोवा मंडी से बेचे जा रहे खोवा के छह और नाका खोवा मंडी से सात नमूनों को लैब जांच के लिए सील किया। इस दौरान नाका खोवा मंडी में रैंडम जांच के आधार पर लावारिस छोड़ी कुछ डोलचियों के परीक्षण में सिन्थेटिक खोवा जैसा तो कुछ नहीं मिला, लेकिन निरीक्षण में घटिया गुणवत्ता के अंदेशे पर करीब पांच क्विंटल खोवा को जब्त कर इसे समीप स्थित कूड़ा स्थल पर गड्ढा खुदवा कर सुरक्षित नष्ट किया गया। 

दोनों ही खोवा मंडियों से लैब जांच को सील किए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी के आधार पर इसे बेचने वाले दूधियों के खिलाफ एक्ट के प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज करा जुर्माना लगवाने की कार्रवाई होगी। 

सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने बताया कि एक अन्य टीम ने बालागंज व तेलीबाग इलाके में संचालित खाद्य सामग्री की दुकानों की भी जांच पड़ताल की। इस दौरान बालागंज में एक डेयरी से दही और तेलीबाग में मिठाई दुकान से बेचे जा रहे पनीर का नमूना भी लैंब जांच को सील कर भेजा गया है।
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स्किम्ड मिल्क, स्टार्च से बन रहा मिलावटी खोवा

पकड़ा गया खोवा
शकरकंद और अरारोट से मिलावटी खोवा बनाना अब बीते जमाने की बात हो गई है। मिलावटखोर अब डालडा ब्रांड व सूखे दुग्ध पाउडर (स्किम्ड मिल्क) से मिलावटी खोवा तैयार कर बाजार में खपाते हैं। 

धंधेबाजों की माने तो मिलावटी खोवा बनाने को स्किम्ड मिल्क में रिफाइंड और वनस्पति घी व चीनी को मिला कर खोवा जैसी महक व रंग लाने को लेमन येलो कलर, हाइड्रो और एचएल स्टार्च का इस्तेमाल किया जाता है। पीले रंग के इस मिलावटी और घटिया खोवा को असली दिखाने को एसेंस की खुशबू और वनस्पति घी की चिकनाई भी मिलायी जाती है।

कृत्रिम तौर पर दूध की जगह तैयार कर खपाए जाने वाले ऐसे मिलावटी खोवा का सेवन सेहत के लिए भी खतरनाक साबित होता। बलरामपुर अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मनोज अग्रवाल के अनुसार मिलावटी खोवा से तैयार खाद्य सामग्री खाने पर पाचन तंत्र बिगड़ने के साथ कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और त्वचा रोग का खतरा उत्पन्न हो जाता है। हृदय रोग व डायबिटीज के मरीजों पर जानलेवा असर पड़ सकता है।  
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