भारत और वेस्टइंडीज के बीच छह नवंबर को होने वाले टी-20 क्रिकेट मैच से दो दिन पहले ही आसपास के इलाके में एलडीए के निर्माण कार्य बंद रहेंगे। ऐसा मैच के दौरान वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए किया जा रहा है।
वहीं यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन से भी निर्माण कार्य बंद कराने की सिफारिश की है।
यूपीपीसीबी के अधिकारियों का कहना है कि सीजी सिटी में मौजूद क्रिकेट स्टेडियम के आसपास वायु प्रदूषण का स्तर मानक से काफी अधिक है। ऐसे में मैच के समय वायु प्रदूषण को न्यूनतम रखने के लिए जरूरी है कि निर्माण कार्य तुरंत रोक दिए जाएं।
इसके अलावा यूपीपीसीबी ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए लागू एक्शन प्लान नहीं लागू करने पर 21 सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं को नोटिस भेजा है।
हवा में लगातार बढ़ रहे धूल के कण
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन ने बताया कि मैच से पहले ही वहां वायु प्रदूषण को लेकर हमने सर्वे कराया है। यहां पीएम-10 जैसे सूक्ष्म कणों का लेवल मानक से दो से तीन गुना तक अधिक है। इसके कारणों की हमारी टीम ने जांच की।
इसमें पता चला कि जो बिल्डर्स और सरकारी विभाग यहां निर्माण कार्य करा रहे हैं, उनकी साइट पर निर्माण सामग्री को न तो ढंका जा रहा है और न ही पानी का नियमित छिड़काव किया जा रहा है।
इससे हवा में धूल के कण लगातार बढ़ रहे हैं। गोमतीनगर विस्तार से लेकर अवध विहार योजना तक करीब पांच किमी में सबसे अधिक निर्माण कार्य चल रहे हैं। खुले में मौरंग, बालू, मिट्टी, सीमेंट का जमावड़ा बना हुआ है।
स्टेडियम के पास 500 मीटर में ही चालू निर्माण
यूपीपीसीबी के अधिकारियों के मुताबिक, गोमती नदी के किनारे जहां क्रिकेट स्टेडियम है, वहां 500 मीटर के दायरे में ही कई बड़े निर्माण चल रहे हैं। गोमती नदी के दूसरी तरफ एक शालीमार बिल्डर की एंटीग्रेटेड टाउनशिप, एमआई बिल्डर की ग्रुप हाउसिंग के अलावा सीजी सिटी में शान-ए-अवध, पार्थ बिल्डर की ग्रुप हाउसिंग सहित करीब आधा दर्जन सरकारी भवनों के निर्माण हो रहे हैं।
वहीं शहीद पथ के दूसरी तरफ पुलिस मुख्यालय सहित सरकारी व निजी प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहे हैं। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन ने बताया कि अवध विहार योजना में तेजी से चल रहे निर्माण और एक्शन प्लान की अनदेखी के चलते नोटिस दिया गया है।
इसके साथ कुल 21 नोटिस निजी और सरकारी संस्थाओं को दिए गए हैं। इनमें अंसल एपीआई, यूपी राजकीय निर्माण निगम, पुलिस विभाग, पार्थ बिल्डर, एलडीए, एमआई बिल्डर्स शामिल हैं।