हैंडओवर में फंसा राजधानी की 124 सड़कों का निर्माण
राजधानी की 124 सड़कों की मरम्मत व निर्माण का काम हैंडओवर के फेर में फंसा है। नगर निगम का कहना है कि शहर की सात मीटर से अधिक चौड़ी सड़कें पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर करने का आदेश है और वही इन्हें बनाएगा।
उधर, पीडब्ल्यूडी ने साफ कर दिया है कि हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने तक वह एक भी सड़क नहीं बनाएगा। इसका खामियाजा आमजनों को भुगतना पड़ रहा है।
मालूम हो कि उप मुख्यमंत्री व लोक निर्माण विभाग के मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 14 जून 2019 की बैठक में नगर निगम की सात मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों के हैंडओवर के निर्देश दिए थे।
इसके लिए पूर्व मंडलायुक्त ने बैठक की थी। नगर निगम ने इस प्रक्रिया को पूरी करने के लिए 124 सड़कों की सूची पीडब्ल्यूडी को दी थी। इन सड़कों की लंबाई 159 किमी. है।
प्रस्ताव दिए जाने के बाद से ही नगर निगम ने इन सड़कों का रखरखाव बंद कर दिया। इसलिए सालभर से भी अधिक समय से लोगों को टूटी सड़कों पर आवागमन करना पड़ रहा है।
नगर निगम का तर्क है कि अब ये सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं। वहीं, पीडब्ल्यूडी का कहना है कि हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। बजट का प्रावधान किए बिना सड़कों को हैंडओवर नहीं किया जा सकता।
ऐसे में प्रक्रिया पूरी होने तक नगर निगम को ही इन सड़कों का रखरखाव करना होगा। वहीं, एलडीए विभूतिखंड की प्रमुख सड़कों को पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर चुका है और इसमें कोई विवाद भी नहीं खड़ा हुआ।
इन इलाकों की सड़कें शामिल
अमीनाबाद, अलीगंज, महानगर, इंदिरानगर, आशियाना, विकासनगर, जानकीपुरम, चौक, बालागंज, राजाजीपुरम, गोमतीनगर, लालबाग, छावनी आदि।
गोमतीनगर में मुश्किल बढ़ी तो एलडीए ने बनवाईं सड़कें
सड़कों की हालत खराब होने पर गोमतीनगर के फेज-1, फेज-2 में कुछ सड़कें तो एलडीए ने ही क्षेत्रीय अवस्थापना निधि में बनवाईं। यह सड़कें उन कालोनियों की हैं, जो नगर निगम को हैंडओवर हो चुकी हैं। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए पूर्व मंडलायुक्त ने अवस्थापना निधि में इन सड़कों को बनाने का प्रस्ताव शामिल कर दिया था।
ये प्रमुख सड़कें होनी हैं हैंडओवर
- हुसैनगंज तिराहा से लाटूश रोड।
- केडी सिंह बाबू स्टेडियम से चिरैया झील चौराहा तक।
- पुरनिया चौराहे से सेक्टर क्यू होते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा तक।
- कुकरैल बंधा से यस कार बाजार तक।
- मुंशीपुलिया चौराहा से अरविंदो पार्क तक।
- नीलगिरि चौराहा से आम्रपाली होते हएु सेक्टर 25 चौराहा तक।
- बीबीएयू से रेलवे क्रॉसिंग तक।
- नाबार्ड से पराग तिराहा तक।
- बंगला बाजार चौराहे से कानपुर रोड तक।
- पराग डेरी से खजाना मार्केट होते हुए पीडब्ल्यूडी कॉलोनी तक।
- एलयू न्यू कैंपस रोड।
- सीडीआरआई से एलयू न्यू कैंपस।
- भवानी बाजार चौराहा से मुलायम तिराहा तक।
- बापू भवन से कैसरबाग क्रॉसिंग।
- तकवा चौराहा से रेल विहार कालोनी तक।
- शहीद पथ से कठौता झील तक।
- कोठारी बंधु पार्क से जलालपुर अंडरपास तक।
हैंडओवर की प्रक्रिया अभी चल रही
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि नगर निगम से सात मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों को हैंडओवर की प्रक्रिया अभी चल रही है। 124 में से 106 सड़क ऐसी हैं जो सात मीटर से अधिक चौड़ी हैं लेकिन, जब तक आधिकारिक रूप से हैंडओवर नहीं हो जाता। इनको बनाने या रखरखाव का काम नगर निगम को ही करना है। पीडब्ल्यूडी इन पर काम नहीं करेगा। नगर निगम अधिकारियों से कहा गया है कि संयुक्त सर्वे कर हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी कराएं।
नगर निगम के पास बजट सीमित
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि सड़कें बनाने के लिए नगर निगम के पास बजट सीमित है। यही वजह है कि पीडब्ल्यूडी को चौड़ी सड़कों को हैंडओवर किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने कुछ सड़कों पर आपत्ति की है। ऐसे में संयुक्त सर्वे कराया जा रहा है। अब सड़कों की संख्या 176 हो गई है। जोन-2 में सर्वे का काम पूरा हो गया है। बाकी सात जोन में भी प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। हमारे पास जितना बजट है उतने में जहां जरूरी है वहां पैचवर्क अब करा रहे हैं।
शासन में चल रही प्रक्रिया : कमिश्नर
कमिश्नर रंजन कुमार का कहना है कि सड़कों के हैंडओवर को लेकर शासन स्तर पर आदेश हो चुके हैं। वहीं से इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।