यूपी में कांग्रेस इस बार विधानसभा सत्र के दौरान ताकत दिखाने की तैयारी में है। सदन में सिर्फ दो विधायक वाली कांग्रेस ने नई रणनीति के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं को 18 दिसंबर को लखनऊ आने का आह्वान किया है। इस दिन वह विधानसभा भवन का घेराव करेगी।
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता में कहा कि पूरे प्रदेश के अंदर तबाही और हाहाकार मचा हुआ है। कहीं पर फर्जी दंगे हो रहे हैं तो कहीं पर एनकाउंटर किया जा रहा है। महिलाओं से दुर्व्यवहार हो रहा है। अराजकता बढ़ती जा रही है।
कहा कि इसके बाद भी सरकार चुप है। सरकार के इशारे पर पुलिसकर्मी ही उत्पीड़न करने में लगे हैं। इसके विरोध विधानसभा का घेराव किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा किविपक्ष के सभी नेताओं की जिम्मेदारी है कि वह सरकार की नीतियों के खिलाफ होने वाले विधानसभा घेराव में सहयोग करें।
लोकल की जगह गुजरात के लोगों को दिया जा रहा काम
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सारा काम गुजरात के ठेकेदारों को दिया जा रहा है। जो काम पहले लोकल ठेकेदारों को दिया जाता था, वह अब गुजरात के लोगों को दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में गुजरात की कंपनियों में पूरा एकाधिकार कर रखा है। ऐसे में काम की गुणवत्ता प्रभावित होना सभाविक है। क्योंकि, यह कंपनी यहां किसी भी तरह से काम करके लौट जाएंगी। फिर उन्हें पकड़ना मुश्किल होगा।
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इस दौरान विधायक आराधना मिश्रा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार आज हर विषय पर असफल हो चुकी है। चाहे वह किसान का मुद्दा हो। युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा हो। विधानसभा के अंदर इन सवालों का जवाब भाजपा नहीं दे रही है। वह किसी भी चीज का जवाब देने को तैयार नहीं है।
सदन के बाहर सड़क पर कर रहे संघर्ष
कहा कि इसलिए एक राजनीतिक दल के रूप में हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि सरकार की जवाबदेही उन विषयों पर ली जाए, जिस पर जनता ने उनका विश्वास कर जनता ने उनको विधानसभा में भेजा है।। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज बुलंद करना हमारी जिम्मेदारी है। हम इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। सदन में हमारी सख्या कम है तो हम सदन के बाहर सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं।