चिन्मयानंद-छात्रा प्रकरण में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सोमवार को शाहजहांपुर से प्रस्तावित पदयात्रा प्रशासन द्वारा रोके जाने पर कांग्रेसी भड़क गए। विरोध में उन्होंने टाउन हॉल स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इस पर पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को पुलिस जबरन उठाकर पुलिस लाइन ले गई। जबकि पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद को सुबह से ही घर में नजरबंद रखा गया। वहीं, युवा कांग्रेस व एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया। प्रदेश के अन्य जिलों से शाहजहांपुर कूच कर रहे कांग्रेसियों को भी पुलिस ने जगह-जगह गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, लखनऊ से शाहजहांपुर जा रहीं पार्टी की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष सुष्मिता देव, विधायक आराधना मिश्रा, सुप्रिया श्रीनेत को लखनऊ में ही रोक दिया गया।
पीड़ित छात्रा के समर्थन में कांग्रेस ने सोमवार को लखनऊ तक न्याय पदयात्रा निकालने की योजना बनाई थी। रविवार को सिटी मजिस्ट्रेट से इसकी अनुमति भी मांगी थी, लेकिन नहीं मिली। कांग्रेसियों के रुख को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने रात से ही पदयात्रा रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए थे।
कांग्रेस कार्यालय से जुड़ने वाले सभी रास्तों पर बैरियर लगा दिए गए थे। फिर भी बैठक के बहाने सुबह नौ बजे से कांग्रेसी वहां जमा होने लगे। पुलिस ने जब निषेधाज्ञा के बावजूद पदयात्रा का कार्यक्रम निरस्त नहीं करने पर आपत्ति जताई तो कांग्रेसी भड़क गए। इस पर विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू समेत अपने पार्टी कार्यकार्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया।