यूपी चुनाव के पांचवें चरण में मतदान से पहले ही कांग्रेस 37 विधानसभा सीटों पर लड़ाई से बाहर है। इस चरण की कुल 51 सीटों में से 14 पर ही उसके उम्मीदवार मैदान में हैं।
इस चरण में अवध के कुल 11 जिलों में चुनाव हो रहे हैं। इनमें से सात जिलों में ही कांग्रेस ने प्रत्याशी उतारे हैं। फैजाबाद, श्रावस्ती, संतकबीरनगर व अंबेडकरनगर में उसे गठबंधन के तहत एक भी सीट नहीं मिली है।
राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में भी कांग्रेस को दो सीटें जगदीशपुर और तिलोई ही मिली थीं, लेकिन ऐन मौके पर उसने अमेठी से अमीता सिंह और गौरीगंज से मो. नईम को उतार दिया।
वहीं, जगदीशपुर में राधेश्याम कनौजिया और तिलोई में विनोद मिश्रा कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं। सुल्तानपुर की केवल एक सीट कादीपुर कांग्रेस को मिली है, जहां उसने अंगद कुमार को प्रत्याशी बनाया है।
ये हैं चुनावी मैदान में
बहराइच में नानपारा से वारिस अली, महसी से अली अकबर व पयागपुर से भगत राम पंजा निशान के साथ मैदान में हैं।
कांग्रेस ने बलरामपुर की तुलसीपुर सीट पर जेबा रिजवान और बलरामपुर सदर सीट पर शिवलाल को प्रत्याशी बनाया है।
सिद्धार्थनगर की शोहरतगढ़ सीट से कांग्रेस के अनिल सिंह चुनाव मैदान में हैं। गोंडा की गौरा सीट पर कांग्रेस ने युवा नेता तरुणेंद्र चंद्र पटेल तथा बस्ती के कप्तानगंज से कृष्णा किंकर सिंह राणा व रुधौली से सैयद अहमद खान को मैदान में उतारा है।
छह सीटों पर सपा-कांग्रेस प्रत्याशी आमने-सामने
गठबंधन के बावजूद इस चरण की छह सीटों पर कांग्रेस व सपा उम्मीदवार आमने-सामने हैं। अमेठी में कांग्रेस प्रत्याशी अमीता सिंह के सामने सपा से चर्चित मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति तो गौरीगंज में मो. नईम के सामने सपा से राकेश प्रताप सिंह मैदान में हैं।
इसी तरह गोंडा की गौरा सीट पर कांग्रेस के तरुणेंद्र चंद्र पटेल और सपा के रामप्रताप सिंह, सिद्धार्थनगर की शोहरतगढ़ सीट से कांग्रेस के अनिल सिंह और सपा के उग्रसेन सिंह तथा बलरामपुर के तुलसीपुर सीट पर कांग्रेस की जेबा रिजवान और सपा के अब्दुल मसूद खान आमने-सामने हैं।
बहराइच की पयागपुर सीट पर कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार वापस ले लिया, इसके बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार भगतराम मिश्र मैदान से हटने को तैयार नहीं हुए। यहां सपा के मुकेश श्रीवास्तव उनके मुकाबले मैदान में हैं।