दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर राकेश सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा गठित झंडा कमेटी के अध्यक्ष प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. पट्टाभि सीतारमैया ने भगवा ध्वज को ही राष्ट्रीय ध्वज मानने का सुझाव दिया था लेकिन तुष्टीकरण के चक्कर में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने उनका सुझाव नहीं माना।
उन्होंने यह भी कहा कि यह बात पूरी तरह से निराधार है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आजादी के आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया था।
सिन्हा के मुताबिक, यह कुछ छद्म धर्मनिरपेक्ष वादियों और विदेशी कृपा पर काम करने वाले कथित इतिहासकारों का दुष्प्रचार है। वह रविवार को सिटी मांटेसरी स्कूल में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केंद्रीय गुरुदक्षिणा कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, महात्मा गांधी के आह्वान पर देश भर में चला नमक आंदोलन विदर्भ (महाराष्ट्र) जैसे इलाकों में जंगल आंदोलन के नाम से चला था।