मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रविवार को प्रस्तावित मुजफ्फरनगर दौरे पर कांग्रेस ने हमला बोल दिया है।
कांग्रेस ने इस दौरे को राजनीतिक करार दिया है। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री के सोमवार को होने वाले दौरे के कारण ही मुख्यमंत्री आनन-फानन में रविवार को मुजफ्फरनगर जा रहे हैं।
अगर मुख्यमंत्री को मुजफ्फरनगर की इतनी ही चिंता थी तो वे आगरा में तीन दिनों के प्रवास के दौरान भी वहां जा सकते थे।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सैयद जीशान हैदर ने शनिवार को कहा, 15 दिनों से मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक हिंसा हो रही थी, लेकिन तब मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों ने राजधानी में बैठकर बयानबाजी के सिवाय कुछ नहीं किया।
एक ओर जहां सांप्रदायिकता की आशंका मात्र से ही नोएडा की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को निलंबित कर दिया गया वहीं मुजफ्फरनगर प्रशासन की इतनी बड़ी लापरवाही पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
प्रवक्ता ने कहा, सांप्रदायिक दंगे में हजारों परिवार अपना घर छोड़कर दूसरे स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं। स्थानीय प्रशासन दंगे से बेघर हुए परिवारों को न तो रहने की सुविधा दे रहा है और न ही खाने-पीने की व्यवस्था कर रहा है। खुद को अल्पसंख्यकों का सबसे बड़ा हितैषी बताने वाली सपा का चेहरा इस कांड के बाद बेनकाब हो गया है।