पंचायत चुनाव में पार्टी की हार को स्वीकार करते हुए कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गौरव चौधरी ने कहा कि ऐसा प्रत्याशियों के चयन में देरी की वजह से हुआ है।
अगर समय से प्रत्याशी तय कर लिए गए होते तो चुनाव में पार्टी की स्थिति बेहतर होती।
पार्टी ने जिला पंचायत सदस्य की 20 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे।
कई स्थानों पर प्रत्याशी रनर रहे लेकिन जीत एक भी सीट पर नहीं मिली है।
इस बार पार्टी ने संगठन के पदाधिकारियों को ही चुनाव में उतारा था। किसी बाहरी को प्रत्याशी नहीं बनाया था।
अगली बार चुनाव परिणाम बेहतर आएं इसको लेकर और मेहनत की जाएगी।