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होलिका लगाने के विवाद में हुआ झगड़ा, चली गोलियां, एक ग्रामीण की मौत व दो अन्य घायल

Wed, 13 Mar 2019 09:56 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला सीतापुर
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राजकमल का परिवार - फोटो : amar ujala
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बिसवां कोतवाली इलाके बोहरा मजरा बखतपुर गांव में मंगलवार की रात होलिका लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। बात बढ़ने पर दबंग पक्ष ने फायरिंग कर दी। इस हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। जबकि दो अन्य लोग जख्मी हो गए। मृतक की पत्नी का कहना है कि उसके पति को गोली मारी गई और चाकू से पेट भी फाड़ दिया गया। एसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने जांच की है।
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बिसवां कोतवाली क्षेत्र के बोहरा मजरा बखतपुर गांव में होली जलाने के स्थान को लेकर राजकमल (45) व राममूरत के बीच मंगलवार की देर रात विवाद हो गया। घटना के संबंध में राजकमल की पत्नी शर्मिला ने बताया कि कई वर्षों से गांव के बाहर उनके अहाता के निकट होलिका जलाई जाती थी। लेकिन इस बार गांव के राममूरत के साथ लगभग एक दर्जन उनके सहयोगियों ने अहाते के पास छप्पर के निकट होलिका लगाने लगे। इसका उसके पति राजकमल ने विरोध किया। विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके पति पर हमला कर दिया। 

आरोप है कि दबंगों ने गोलियां चलाईं। जिससे उसका पति जख्मी हो गया। कमर में गोली लगी है। साथ ही चाकू से पेट फाड़ दिया। हमले में उसके पड़ोसी कैलाश व उसकी पत्नी भी जख्मी हुई। हमले में जख्मी लोगों को सीएचसी बिसवां ले जाया गया। जहां राजकमल को मृत घोषित कर दिया गया। कोतवाल संजय कुमार पांडेय ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर पर राममूरत सहित 10 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना की जानकारी होने पर एसपी एलआर कुमार, सीओ बिसवां ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। 
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राजकमल की मौत से सात बच्चे हुए अनाथ 

बिसवां के बोहरा मजरा बखतपुर में हुई राजकमल की हत्या के बाद उनके परिवार में मातम छाया हुआ है। अब उनकी पत्नी और सात बच्चों के सामने बड़ी मुश्किलें आ गई हैं। राजकमल के पास महज तीन बीघा खेत था। जिससे वह अपने परिवार की जीविका चलाता था। इनके पांच पुत्री व दो पुत्र श्याम करण 12 वर्ष, सीमा 10 वर्ष, रीमा 8 वर्ष, पूजा 6 वर्ष, शांति देवी 4 वर्ष, पम्मी 2 वर्ष, सोमनाथ 3 माह हैं। कच्ची दीवारों पर पड़े छप्परों के नीचे जीवनयापन करने वाले इस परिवार में अब आजीविका चलाने वाला कोई नहीं बचा।
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