लखनऊ। अलीगंज के कोचिंग सेंटर में सोमवार दोपहर अचानक लगी आग की लपटों में घिरे जयंत गुप्ता को बचने का कोई रास्ता नहीं सूझा तो वह दूसरी मंजिल से कूद पड़े। उनकी जान तो बच गई पर हाथ झुलस गए। जयंत जनरेटर पर गिरे थे, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी भी टूट गई। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें ट्रॉमा सेंटर की आईसीयू में रखा गया है। उधर, ट्रॉमा सेंटर में भर्ती दिल्ली निवासी लवप्रीत कौर को मामूली चोटें आई हैं। उन्हें मंगलवार को छुट्टी दे दी गई।
ऐशबाग की एलडीए कॉलोनी निवासी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उनका इकलौता बेटा जयंत सेंटर में एनीमेशन ट्रेनर था। हादसे के दौरान उसका मोबाइल फोन कहीं गिर गया। ट्रॉमा सेंटर पहुंचने के बाद जयंत ने मुंशीपुलिया निवासी दोस्त मयंक सिंह को हादसे की जानकारी दी। मयंक ने प्रदीप गुप्ता को फोन कर ट्रॉमा बुलाया। प्रदीप छह वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी पत्नी मीना कुमारी का चार वर्ष पहले निधन हो चुका है। घर में पिता-पुत्र ही हैं। प्रदीप ने बताया कि जयंत बीए की पढ़ाई भी कर रहा है। वह इसी वर्ष उसकी शादी की तैयारी कर रहे थे।
सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि जयंत के इलाज के लिए न्यूरो सर्जरी और हड्डी रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की संयुक्त टीम लगाई गई है। जांच रिपोर्ट और मरीज की स्थिति के आधार पर तय होगा कि ऑपरेशन करना होगा या दवाओं से ही सुधार आ जाएगा। इलाज पूरी तरह निशुल्क किया जा रहा है।