कमिश्नरेट लखनऊ के ठाकुरगंज थाने की पुलिस लगातार विवादों में है। फरियादियों के साथ ठाकुरगंज पुलिस का व्यवहार काफी खराब है। यूं कहें कि तानाशाही रवैया अख्तियार कर रही है। हाल ही में एक भाजपा कार्यालय के पास बिजली विभाग के संविदा कर्मचारी ने आत्मदाह करने का प्रयास किया।
लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस का हाल बद से बदतर होता जा रहा है। खासकर पश्चिमी जोन के थानों का। ठाकुरगंज थाने पहुंचने वाले फरियादियों से पहले सेवा करवाई जाती है। सोमवार को चौकी के अंदर का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दरोगा गोरखनाथ चौधरी एक फरियादी से अपने पैर दबवा रहे हैं। डीसीपी पश्चिम एस चिनप्पा ने दरोगा को लाइन हाजिर कर मामले की जांच का आदेश दिया है।
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ठाकुरगंज पुलिस का फरियादियों के साथ व्यवहार काफी खराब है। हाल ही में भाजपा कार्यालय के पास बिजली विभाग के संविदा कर्मचारी ने आत्मदाह का प्रयास किया। उसने आरोप था लगाया कि आम्रपाली चौकी के दरोगा रमापति ने उसकी फरियाद नहीं सुनी। इसकी जांच एसीपी चौक आईपी सिंह को सौंपी गई। अभी इसकी पड़ताल शुरू भी नहीं हो सकी थी कि अब ठाकुरगंज थाने के दरोगा गोरखनाथ चौधरी का वीडियो वायरल हो गया।
45 सेकंड के इस वीडियो में दरोगा बेड पर वर्दी में लेटे मोबाइल पर बात कर रहे हैं और एक फरियादी उनका पैर दबा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं, प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार यादव के मुताबिक दरोगा गोरखनाथ चौधरी गऊघाट चौकी पर तैनात हैं। वीडियो दो महीने पुराना है। इसमें दरोगा का पैर फरियादी नहीं नाई दबा रहा है। उच्चाधिकारी के आदेश पर जांच शुरू करा दी गई है। दरोगा इस समय छुट्टी पर हैं।