डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में सोमवार सुबह कंप्यूटर न चलने की वजह से
पर्चा बनने की व्यवस्था ठप हो गई।
दरअसल, शंकर नाम के कंप्यूटर ऑपरेटर को
नौकरी से हटा दिया गया था और उसी के पास पर्चा काउंटर के कंप्यूटर का
पासवर्ड था।
काफी देर तक कंप्यूटर चलाने का प्रयास किया गया और डेढ़ घंटे
बीत गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद करीब 10 बजे मैनुअल पर्चा बनाने
की व्यवस्था की गई तब जाकर ओपीडी शुरू हुई। इस दौरान पर्चा काउंटर पर
सैकड़ों मरीजों की भीड़ लग गई।
अस्पतालों
में संविदाकर्मियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना भारी पड़ने लगा है।
गोमती नगर स्थित लोहिया अस्पताल को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। बताया जा
रहा है कि पर्चा काउंटर पर तैनात शंकर नाम के एक संविदा कर्मचारी को
अस्पताल प्रशासन ने हटा दिया था।
रविवार को छुट्टी होने के कारण पर्चा
काउंटर खुला नहीं। सोमवार को सुबह आठ बजे जब कंप्यूटर ऑन करने की कोशिश
शुरू हुई तो पता चला कि वो पासवर्ड से लॉक था। इसके बाद वहां हड़कंप मच
गया, क्योंकि पर्चा काउंटर पर मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी।
कर्मचारियों को कंप्यूटर ऑन करने के लिए लगाया गया पर कोई फायदा नहीं हुआ।
वहीं, शंकर की तलाश की शुरू की गई, लेकिन वो नहीं मिला। दो घंटे से लाइन
में लगे मरीज और उनके तीमारदार भी परेशान हो गए और हंगामा शुरू कर दिया।
इसके बाद 10 बजे मैनुअली पर्चा बनाने की शुरुआत हुई। अस्पताल के चिकित्सा
अधीक्षक डॉ. एमएल भार्गव का कहना था कि सर्वर में दिक्कत से कंप्यूटर नहीं
चले, इसलिए मैनुअल पर्चे बनाने की व्यवस्था की गई।