केजीएमयू में खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी और चहेतों को रिटायरमेंट बाद भी मोटे वेतन पर नौकरी पर रखने समेत कई गंभीर मामलों की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई है। पीएमओ ऑफिस ने इस पर केजीएमयू से जवाब तलब किया है।
मोहनलालगंज निवासी समाजसेवी सचिन कुमार द्विवेदी ने प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री से लेकर शासन-प्रशासन को भेजे शिकायती पत्र में केजीएमयू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र में उन्होंने सुबूत भी दिए हैं। इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट तलब की है।
पीएमओ व भारत सरकार कार्मिक पेंशन निदेशालय ने उप्र. शासन को पत्र भेजकर आख्या मांगने के लिए कहा है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय की ओर से भेजा गया पत्र 26 मार्च को आईजीआरएस पोर्टल से केजीएमयू प्रशासन को मिल गया है। अफसर जवाब देने में जुट गए हैं।
भर्ती धांधली में घिरे लोगों को बांटे पद
केजीएमयू में 94 कर्मचारियों की भर्ती में धांधली की शिकायत हुई थी। मंडालायुक्त ने मामले की जांच की थी। इसमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई थी। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया में शामिल अफ सरों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। डॉक्टरों पर कार्रवाई की बजाए उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती देने का आरोप है।
पता करवाएंगे मामला
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि अभी पीएमओ ऑफिस से रिपोर्ट तलब किए जाने के बारे में जानकारी नहीं है। मामले को उच्च अधिकारियों से पता करके बता पाएंगे।