वर्षों पहले खरीदी गई जमीन पर जबरन दूसरे को कब्जा दिलाने के मामले में बख्शी का तालाब के तत्कालीन उपजिलाधिकारी धनंजय शुक्ला के खिलाफ परिवाद दायर किया गया है।
मामले में तत्कालीन नायब तहसीलदार सुरेश राय, तत्कालीन कानूनगो वीरपाल चौरसिया सहित सात लोगों के नाम शामिल हैं।
सीजेएम प्रमोद त्यागी ने परिवाद को दर्ज करते हुए वादी के बयान के लिए 27 जुलाई की तारीख तय की है।
कोर्ट में बीकेटी के बरगदी मगढ़ निवासी मोहनलाल ने परिवाद दायर करके बताया कि वर्षों पहले उसने मुन्नी देवी से एक जमीन खरीदी थी।
8 मई 2013 को दिन में 10 बजे बीकेटी तहसील के चकमार्ग के लिए गठित टीम पुलिस के साथ आई।
इसके बाद नायब तहसीलदार सुरेश राय के नेतृत्व में कानूनगो वीरपाल, लेखपाल बचई सोनकर, गांव के मो. जमाल, मो. सत्तार व गफ्फार ने साठगांठ करके बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए उसकी जमीन पर सीमेंट के पोल गाड़ दिए।
परिवादी से कहा कि अब जमीन मो. जमाल जोतेंगे। यदि पोल उखाड़ा तो जेल भेज दिया जाएगा।
आरोप लगाया गया कि तत्कालीन उपजिलाधिकारी ने अन्य लोगों के सहयोग से उसकी जमीन पर जमाल को अवैध कब्जा करा दिया।