लखनऊ। कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट के मुताबिक पैलिएटिव केयर के लिए करुणा, संवेदना और सहानुभूति बेहद जरूरी है। वह शनिवार को संस्थान में विश्व होस्पाइस और पैलिएटिव केयर दिवस पर हुए कार्यक्रम में बोल रहे थे।
केजीएमयू की प्रो. सरिता सिंह ने कहा कि पैलिएटिव केयर वह स्थिति है जब मरीज का रोग ठीक नहीं हो सकता है। उसके बचे जीवन को दर्दरहित बनाते हुए देखभाल करना पैलिएटिव केयर कहलाता है। यह एक करुणामय दृष्टिकोण है, जो रोगी की शारीरिक, मानसिक व सामाजिक आवश्यकताओं को संतुलित रूप से दर्शाता है। संगोष्ठी में डॉ. ऋतु, डॉ. विज्येद्र, डॉ. सबुही कुरैशी और डॉ. आयुष लोहिया मौजूद रहे।