आने वाले दिनों में सोशल मीडिया के प्रयोग को सोच समझकर करना होगा। साथ में इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि वाट्सअप या फेसबुक पर जो मैसेज या तस्वीरें आ रही हैं उनका दरअसल मकसद क्या है?
अराजक तत्व सोशल मीडिया का सहारा लेकर रमजान व श्रावण मास के दौरान सांप्रदायिक ताना-बाना प्रभावित करने की कुचेष्टा कर सकते हैं। ऐसे मामलों में पंचायत चुनाव के नजदीक आने के साथ ही वृद्धि होने का अंदेशा है। यह अंदेशा राज्य खुफिया एजेंसी ने गृह व पुलिस विभाग के आला अफसरों से जताया है।
सूत्रों के अनुसार राज्य खुफिया विभाग ने आला अफसरों को आगाह किया है कि पंचायत चुनाव व त्यौहारों पर अराजक तत्व सोशल मीडिया का सहारा लेकर तनाव भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।