सत्ताधारी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने मुजफ्फरनगर-शामली के दंगों की आग बुझाने के लिए मंत्रियों की कमेटी बना दी।
कमेटी के सदस्य मुजफ्फरनगर पहुंच भी गए, लेकिन इसमें शामिल वेस्ट यूपी के मंत्री ऑपरेशन सद्भावना को लेकर एकमत नहीं हैं।
सीएम और सपा मुखिया की मौजूदगी में प्रस्तावित एक्शन प्लान को लेकर मंत्री भिड़ चुके हैं। लगातार बैठकों के बाद भी आमराय से फॉर्मूला नहीं निकल सका है।
शिविरों से लोगों की गांवों में वापसी का मुद्दा हो या उन्हें कहीं दूसरी जगह बसाए जाने का सवाल, सब पर मतभेद बने हुए हैं।
सवाल यही है कि आपस में उलझने वाले दूसरों के विवाद को कैसे सुलझाएंगे।
वह भी तब जब जख्म गहरे हों, एकतरफा कार्रवाई के आरोप लग रहे हों और महिलाओं के धरना-प्रदर्शनों का दौर भी जारी हो।