फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एटीएस मुख्यालय में कमांडो ने सर्विस पिस्टल से गोली मारकर खुदकुशी की

विज्ञापन
विज्ञापन
एटीएस कमांडो ने सर्विस पिस्टल से खुद को गोली से उड़ाया, नहीं मिला सुसाइड नोट
विज्ञापन

सरोजनीनगर स्थित एटीएस मुख्यालय में कमांडो बृजेश यादव (40) ने सर्विस पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
मंगलवार सुबह उसे वीआईपी ड्यूटी के लिए टीम के साथ गोरखपुर जाना था। सुबह करीब चार बजे वह नहीं आया तो सहकर्मी उसके कमरे पर पहुंचे।
दरवाजा भीतर से बंद होने के चलते खिड़की से झांका तो पलंग पर उसका शव पड़ा देखकर होश उड़ गए।
मौके पर पहुंचे एटीएस के अधिकारियों के सामने दरवाजा तोड़ा गया। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
घटनास्थल से बृजेश का मोबाइल फोन व सर्विस पिस्टल जब्त कर जांच की जा रही है।
एटीएस के एसएसपी विनोद कुमार सिंह का कहना है कि कमांडो बृजेश यादव ने पारिवारिक तनाव और कलह के चलते खुदकुशी की है।
उसका सोमवार रात पत्नी से फोन पर किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। सरोजनीनगर इंस्पेक्टर प्रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बृजेश मूलरूप से गोरखपुर के गगहा थाना क्षेत्र के चिउठहा गांव का रहने वाला था।
वह एटीएस मुख्यालय में बने हॉस्टल के कमरा नंबर-37 में अपने साथी कमांडो रमाकांत यादव के साथ रहता था।
मंगलवार सुबह चार बजे उसे टीम के साथ मुख्यमंत्री की सुरक्षा ड्यूटी के लिए गोरखपुर जाना था, इसलिए सर्विस पिस्टल सोमवार रात करीब नौ बजे ही दे दी गई थी।
सुबह बृजेश के साथ जाने वाली टीम तैयार हो गई, लेकिन वह नहीं आया। एक कमांडो उसे खोजते हुए हॉस्टल के कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा भीतर से बंद मिला।
कमांडो ने कई आवाजें लगाईं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांकने पर भीतर पलंग पर बृजेश का शव और फर्श पर खून बिखरा देख होश उड़ गए।
सूचना पाकर आरआई पवन त्यागी व अन्य कमांडो मौके पर पहुंचे और आला अधिकारियों व पुलिस को खबर दी।
दरवाजा तोड़कर पुलिस ने कमरे की छानबीन की, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। कमरे से बृजेश का मोबाइल फोन मिला है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
एसएसपी का कहना है कि बृजेश सोमवार रात अकेला ही कमरे पर था। उसका साथी रमाकांत यादव अपने परिवारीजनों के पास गया था।
जानकारी पाकर आए बृजेश के पिता सोमनाथ यादव ने बृजेश से फोन पर पत्नी से झगड़ा होने की जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि सोमवार रात उसने पत्नी को फोन किया था। बातचीत के दौरान दोनों में झगड़ा हुआ। इसके बाद बृजेश ने उन्हें फोन करके झगड़े की जानकारी दी। सुबह उसके खुद को गोली मारने की खबर आ गई।
विज्ञापन

अक्सर पत्नी से होता था झगड़ा
बृजेश करीब नौ साल से एटीएस में तैनात था। वह वर्ष 2006 में पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। एटीएस मुख्यालय के सूत्रों ने बताया कि उसका अक्सर पत्नी से झगड़ा होता था। उसकी मौत की खबर सुनते ही हॉस्टल में साथ रहने वाले रमाकांत यादव ने उसके परिवारीजनों को कॉल की। फोन बृजेश की पत्नी ने उठाया था। हालांकि, बात करने के बजाए उसने बृजेश के पिता को फोन पकड़ा दिया।
फोन पर लगा है पैटर्न लॉक, खुलने पर मिलेगी सही जानकारी
बृजेश के मोबाइल फोन पर पैटर्न लॉक लगा हुआ है। एटीएस अधिकारियों ने कहा कि बृजेश ने रात को किस व्यक्ति से क्या बात की? इसका पता लगाने के लिए पैटर्न लॉक खुलना जरूरी है। फिलहाल एटीएस की साइबर एक्सपर्ट टीम पैटर्न लॉक खोलने की कोशिश कर रही है। मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकाली गई है। यह भी आशंका है कि बृजेश ने व्हॉट्सएप पर पत्नी को कुछ मेसेज न किए हों। लॉक खुलने के बाद ही सही जानकारियां सामने आएंगी।
काम को लेकर नहीं था कोई तनाव
एटीएस के अधिकारियों ने कमांडो की खुदकुशी के पीछे काम को लेकर तनाव की बात से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना था कि कमांडो को सिर्फ वीआईपी ड्यूटी पर भेजा जाता है। उनकी ड्यूटी के घंटे तय हैं। निर्धारित समय से ज्यादा ड्यूटी नहीं कराई जाती। इसलिए काम को लेकर किसी कमांडो को तनाव नहीं रहता। हालांकि, बृजेश आखिरी बार कब छुट्टी पर गया था? इस सवाल का अधिकारी जवाब नहीं दे पाए।
विज्ञापन

कमरे से मिली शराब की बोतल
बृजेश के कमरे से पुलिस को शराब की एक बोतल मिली है। पुलिस का कहना था कि बृजेश काफी शराब पीता था। संभवत: पारिवारिक तनाव की वजह से वह शराब का आदी हो गया था। इसके अलावा कमरे से पंप गन, .12 बोर के 15 व नाइन एमएम के 32 कारतूस भी मिले हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें