अल्पसंख्यकों की प्रदेश में स्थिति का अध्ययन करने के लिए सरकार एक समिति बनाने जा रही है। इसे शुक्रवार को अखिलेश यादव की कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। इसमें एक अध्यक्ष, दो सदस्य व एक सदस्य सचिव होंगे।
समिति अल्पसंख्यक समुदाय की सरकारी नौकरियों में सहभागिता सुनिश्चित करने तथा उनमें शिक्षा को बढ़ावा देने के उपायों के बारे में अध्ययन करेगी। इसका कार्यकाल एक साल का होगा।
समिति यह देखेगी कि अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र-छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का कितना असर हो रहा है।
प्राथमिक शिक्षा प्राप्त न कर पाने वाले अल्पसंख्यक बच्चों का प्रतिशत कितना और क्यों है इसका पता लगाएगी।
बेसिक, माध्यमिक, उच्च, तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उपाय भी यह समिति सुझाएगी। समिति मदरसा शिक्षा के पाठ्यक्रम का भी अध्ययन करेगी।
सरकारी सेवा व प्रोफेशनल क्षेत्र जैसे मेडिकल, लॉ, तकनीकी शिक्षा व मैनेजमेंट क्षेत्र में प्रवेश के लिए आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में अल्पसंख्यकों के कितने अभ्यर्थी बैठते हैं और उनमें कितने सफल होते हैं।