घरों में गेस्ट हाउस चलाने वालों के साथ पेइंग गेस्ट और किराएदार रखने वालों से हाउस टैक्स के स्थान पर कॉमर्शियल टैक्स वसूला जाएगा। ऐसे घरों को चिह्नित करने के लिए विशेष अभियान चलेगा।
इसके बाद मकान मालिकों को कॉमर्शियल टैक्स वसूली का नोटिस जारी होगा। नगर विकास विभाग हाउस टैक्स वसूली का दायरा बढ़ाने के लिए इस संबंध में जल्द दिशा-निर्देश जारी करने वाला है।
शहरी क्षेत्रों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। छोटे-छोटे मकान तोड़कर गेस्ट हाउस बनाया जा रहा है या लोग खाली कमरों में पेइंग गेस्ट या किराएदार रख रहे हैं। नगर निगम नियमावली में स्पष्ट प्रावधान है कि ऐसे लोगों से कॉमर्शियल टैक्स वसूली होगी।
इसके बाद भी नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसे लोगों से कॉमर्शियल टैक्स वसूली नहीं हो रही है। नगर विकास विभाग में विगत दिनों उच्चाधिकारियों की बैठक हुई थी।
इसमें प्रदेश के 14 नगर निगमों में विगत वित्तीय वर्ष हाउस टैक्स वसूली की समीक्षा की गई। इसमें पता चला कि अधिकतर नगर निगमों में शत-प्रतिशत हाउस टैक्स की वसूली नहीं हो रही।