चुनावी साल में सरकार की मंशा भांपते हुए राज्य विद्युत नियामक आयोग ने घरेलू व कृषि की बिजली दरों में कोई इजाफा नहीं किया है। भारी उद्योगों को भी बख्श दिया गया है। अलबत्ता कॉमर्शियल बिजली की दरों में सबसे ज्यादा 7.24 फीसदी की वृद्धि की गई है।
वहीं, ग्रामीण कॉमर्शियल उपभोक्ताओं की दरों में 13 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। लघु एवं मध्यम उद्योगों की बिजली दरें 3.99 फीसदी बढ़ा दी गई हैं। आयोग का दावा है कि पिछले पांच सालों में इस बार सबसे कम वृद्धि की गई है।
विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा ने विधानसभा चुनाव की छाया वर्ष 2016-17 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा की। इस साल सभी श्रेणी की बिजली दरों में औसतन 3.18 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण की अच्छी परफार्मेंस को देखते हुए वहां रेग्युलेटरी सरचार्ज में कमी की गई है। पश्चिमांचल के उपभोक्ताओं को 4.28 के बजाय 3.03 फीसदी ही रेग्युलेटरी सरचार्ज देना होगा।
बाकी उपभोक्ताओं को 4.28 फीसदी ही सरचार्ज का भुगतान करना होगा। देश दीपक वर्मा ने कहा कि रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम पहले ही समाप्त किया जा चुका है। रेग्युलेटरी सरचार्ज द्वितीय में भी कोई इजाफा नहीं किया गया है।
इनकी दरों में भी नहीं हुआ कोई परिवर्तन
- फोटो : amar ujala
नए टैरिफ आर्डर में आयोग ने सिंचाई के लिए लगाए गए निजी नलकूपों व पंपसेटों की बिजली दरों में भी कोई इजाफा नहीं किया गया है। हालांकि सरकारी नलकूप व पंपसेटों के साथ ही सिंचाई विभाग के पंपसेटों की बिजली दरों में 7.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। बड़े एवं भारी उद्योगों की दरों में भी इस बार वृद्धि नहीं की है। स्ट्रीट लाइट एवं वाटर वर्क्स की बिजली दरों में 8.83 फीसदी इजाफा किया गया है।
किसकी कितनी बढ़ी बिजली दरें
घरेलू--शून्य
कृषि--शून्य
कृषि सरकारी--7.55 प्रतिशत
बड़े एवं भारी उद्योग--शून्य
लघु एवं मध्यम उद्योग--3.99 प्रतिशत
कॉमर्शियल--7.24 प्रतिशत
सार्वजनिक उपयोग सरकारी--8.83 प्रतिशत
अन्य--5.33 प्रतिशत
कब कितनी बढ़ी बिजली दरें
2012-13--17.60 प्रतिशत
2013-14--6.58 प्रतिशत
2014-15--8.90 प्रतिशत
2015-16--5.47 प्रतिशत
2016-17--3.18 प्रतिशत
समय पर बिल जमा करने पर 0.50 फीसदी छूट
नियामक आयोग ने समय पर बिजली का बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं की छूट .25 फीसदी से बढ़ाकर .50 प्रतिशत कर दिया है। यानी अगर बिजली बिल दो हजार रुपये महीना आता है और समय पर बिल जमा कर दिया जाता है तो बिल में 10 रुपये की छूट मिलेगी।
बुंदेलखंड के किसानों को राहत
बुंदेलखंड में सूखे से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत दी गई है। वहां सिंचाई के लिए लगे निजी नलकूपों के उपभोक्ताओं को मीटर लगने तक अब 160 के बजाय 100 रुपये प्रति हार्स पावर प्रति माह देना होगा।
प्रकाशन के एक सप्ताह के बाद प्रभावी होंगी नई दरें
पावर कॉर्पोरेशन को आयोग द्वारा जारी टैरिफ आर्डर का तीन दिन के भीतर सार्वजनिक प्रकाशन कराना होगा। इसके एक हफ्त बाद नई दरें प्रभावी हो जाएंगी।
चुनावी साल का पूरा असर
- फोटो : अमर उजाला
बिजली दरें चुनाव में कोई मुद्दा न बनें इसलिए सरकार किसी तरह का जोखिम उठाना नहीं चाहती थी। उसने आयोग पर कम बढ़ोतरी का दबाव बनाए रखा था। इसीलिए घरेलू व कृषि की दरों में इजाफा नहीं किया। बाकी श्रेणियों में भी कम बढ़ोतरी हुई।
पावर कॉर्पोरेशन ने वैसे तो औसतन 5.75 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव रखा था, लेकिन आयोग ने प्रस्तावित से भी कम वृद्धि करके उपभोक्ताओं के साथ-साथ चुनावी तैयारियों में जुटी सरकार को भी राहत दी है।