महिलाओं ने रंग-बिरंगी पतंगें उड़ाई और ऋतुराज के स्वागत में वसंती गीत गाए
लखनऊ। गोमती तट पर सि्थत लेटे हुए हनुमान मंदिर में लोक संस्कृति शोध संस्थान की ओर से शनिवार को 82वीं लोक चौपाल लगाई गई। इसमें महिलाओं ने रंग-बिरंगी पतंगें उड़ाई और ऋतुराज के स्वागत में वसंती गीत गाए।
चौपाल का शुभारंभ चौपाल प्रभारी अर्चना गुप्ता ने श्रीरामस्तवन से किया। संस्थान के अध्यक्ष जीतेश श्रीवास्तव और सचिव डॉ. सुधा द्विवेदी ने लोक परंपराओं, सामूहिक जीवन और ऋतु-उत्सवों की महत्ता पर विचार रखे। सांस्कृतिक सत्र में वरिष्ठ लोकगायिका शारदा पांडेय, अरुणा उपाध्याय, मधु श्रीवास्तव, चित्रा श्रीवास्तव, प्रीति श्रीवास्तव के वसंती गीतों से गोमती तट गूंज उठा। आयी रे वसंत बहार कुहुक बोले कोयलिया..., मेरे कंठ बसो महारानी..., तोरी लहर धुधनार..., मैं तो नवल वसंत मनाय रही जैसे मनमोहक गीत प्रस्तुत किए। महिलाओं और बच्चों ने पतंगबाजी प्रतियोगिता का लुत्फ उठाया। सोशल लाइफलाइन फाउंडेशन के सहयोग से अध्यक्ष डाॅ. अनिल गुप्ता के संयोजन में पतंगबाज अनूप कुमार शुक्ला, शिवांश, अक्षत, रीशू, मानस व अरुण ने कला का प्रदर्शन किया। राजनारायण वर्मा, ऋचा माथुर, अवनीश शुक्ला, अखिलेश त्रिवेदी शाश्वत, नीलम वर्मा, होमेंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।
महिलाओं ने रंग-बिरंगी पतंगें उड़ाई और ऋतुराज के स्वागत में वसंती गीत गाए