रायबरेली। चिलचिलाती धूप और तेजी से बढ़ रहे तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। जिले की सभी 19 सीएचसी में कोल्ड वार्ड तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव के आदेश के बाद सीएमओ ने अधीक्षकों को हीट स्ट्रोक के मरीजों के इलाज के लिए कोल्ड वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वार्ड को ठंडा रखने के लिए एसी भी लगवाए जाएंगे। लू की चपेट में आने के बाद अस्पताल आने वाले मरीजों को इसी वार्ड में भर्ती करके इलाज किया जाएगा।
इस साल अप्रैल में ही गर्मी ने विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पारा 40 के पार पहुंच गया है। ऐसे में लोग लू की चपेट में आ सकते हैं। गर्मी और बढ़ेगी तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाएगा। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इससे निपटने के लिए तैयारियों में जुट गया है।
सोमवार को प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी सीएचसी में कोल्ड वार्ड स्थापित कराने के आदेश दिए। इसी वार्ड में लू की के चपेट में आने वाले मरीजों को भर्ती करके इलाज के निर्देश भी दिए। ग्रामीण स्तर पर कार्यरत सीएचओ, एएनएम, आशा संगिनी व आशा कार्यकर्ता के माध्यम से लोगों को हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए जागरूक भी किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला अस्पताल में पहले से तैयार हीट स्ट्रोक वार्ड
सीएमएस डॉ. महेंद्र मौर्या ने बताया कि लू की चपेट में आने वाले मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में आठ बेड का हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार है। वार्ड में एसी के साथ ही अन्य सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एक स्टाफ नर्स की जिम्मेदारी भी तय करने के साथ ही दवा के पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं। कोल्ड पैक, आइस पैक व थर्मामीटर आदि की व्यवस्था भी वार्ड में कराई गई है।
क्या है हीट स्ट्रोक, कैसे करें बचाव
हीट स्ट्रोक एक चिकित्सीय आपातकालीन स्थिति है। यह तब होती है जब लंबे समय तक उच्च तापमान या गर्म और आर्द्र परिस्थितियों में शारीरिक परिश्रम के कारण शरीर का मुख्य तापमान सामान्य स्तर से 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बढ़ जाता है। हीट स्ट्रोक गर्मी से संबंधित बीमारी का एक गंभीर रूप है। इसके होने से मस्तिष्क, हृदय, गुर्दे व अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसका तुरंत इलाज न होने पर यह जानलेवा भी हो सकता है।
तरल पदार्थ पीएं, हल्के रंग के कपड़े पहनें, धूप से बचें
जिला अस्पताल के जनरल मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी ने बताया कि शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए तरल पदार्थ पीएं। शराब और कैफीन से बचें क्योंकि ये निर्जलीकरण का कारण बन सकते हैं। हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें। आमतौर पर सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक घर से बाहर न निकलें। अधिक गर्मी से बचने के लिए ठंडे या छायादार क्षेत्रों में बार-बार ब्रेक लें। शरीर के तापमान को ठंडा करने के लिए ठंडी फुहारें या स्नान करें।
सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश
हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। सभी सीएचसी अधीक्षकों को कोल्ड वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। लू की चपेट में आए मरीजों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
-डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ