महानगर पुलिस ने बुधवार दोपहर किंग कोबरा के जहर से भरी एक लीटर बोतल सहित छात्र संदीप वर्मा को दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक छात्र जहर बेचने के लिए निशातगंज पुलिस के पास ग्राहक का इंतजार कर रहा था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। शास्त्रीनगर निवासी संदीप के पिता राम दास वर्मा इत्र की एक बड़ी दुकान में काम करते हैं। संदीप केकेसी डिग्री कॉलेज से बीएससी (जूलॉजी और बॉटनी) तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है।
सीओ महानगर राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार दोपहर निशातगंज पुल के पास संदिग्ध अवस्था में संदीप के खड़े होने की सूचना पाकर महानगर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया।
तलाशी में संदीप के पास से कोल्ड ड्रिंक की बोतल में भरा हुआ द्रव्य मिला। पूछताछ करने पर संदीप ने बताया कि यह किंग कोबरा का जहर है। यह सुनकर पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए।
थाना लाकर पूछताछ करने पर संदीप ने बताया कि एक महीना पहले उसे यह बोतल सआदतगंज निवासी फैज ने दी थी। उसने बताया था कि जहर का इस्तेमाल दवा बनाने और नशेबाजी में किया जाता है।
फैज ने संदीप को ग्राहक ढूंढकर बेचने पर आधी-आधी रकम बांटने का लालच दिया। संदीप के मुताबिक फैज ने उससे 20,000 रुपये तक में जहर बेचने को कहा था।
संदीप ने बताया कि वह एक महीने से ग्राहक ढूंढ रहा था। उसने कॉलेज के कई साथियों से भी ग्राहक तलाशने को कहा था।
कुछ दिन पहले केकेसी से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे एलएलबी के छात्र व हरदोई के संडीला निवासी निजाम ने संदीप को एक ग्राहक मिलने की जानकारी दी।
निजाम ने बताया कि संडीला निवासी हम्माद रिजवी जहर खरीदकर बड़ी दवा कंपनियों को बेचने का काम करता है। बकौल संदीप उसने हम्माद से फोन पर संपर्क कर मिलने के लिए निशातगंज बुलाया था तभी पकड़ लिया गया।
इंस्पेक्टर महानगर नागेंद्र चौबे ने बताया कि बोतल में भरे जहर का सैंपल जांच के लिए मुंबई के हॉफकिन इंस्टीट्यूट भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोबरा के जहर की प्रामाणिक जांच सिर्फ वहीं होती है।
दूसरी ओर संदीप की उम्र को लेकर भ्रम की स्थिति है। संदीप का कहना है कि उसकी उम्र 18 वर्ष है जबकि पुलिस के मुताबिक वह बालिग हो चुका है।