देश में कोयले की कमी के कारण कई पावर प्रोजेक्ट चल नहीं पा रहे हैं, लेकिन कोयले की यह कमी वर्ष 2016 के बाद नहीं रहेगी।
आठ साल से फंसी छत्तीसगढ़, उड़ीसा व झारखंड की तीन रेल लाइन को वन विभाग की मंजूरी मिल गई है। ये रेल लाइनें कोल ब्लॉक को सीधे जोड़ती हैं। इनकी मंजूरी मिलने से देश में कोयले की कोई कमी नहीं रह जाएगी।
अभी कोल इंडिया देश की जरूरत का 65 प्रतिशत कोयला ही सप्लाई कर पा रहा है। यह जानकारी केंद्रीय सचिवालय में तैनात अपर सचिव अनिल स्वरूप ने दी।
इसके साथ ही यूपी में भी केंद्र की तर्ज पर प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप बनाया जाएगा। यह ग्रुप एक हजार करोड़ रुपये के ऊपर के निवेश पर नजर रखेगा। जहां भी दिक्कत आएगी, उन्हें यह ग्रुप दूर करेगा।
यह जानकारी मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने केंद्र के प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के चेयरमैन अनिल स्वरूप के साथ गुरुवार को हुई बैठक में दी।
सिस्टम पारदर्शी कर दीजिए, समस्याएं खत्म
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनिल स्वरूप ने परिचर्चा में कहा कि सिस्टम को पारदर्शी बना दीजिए, समस्याएं अपने आप खत्म हो जाएंगी।
प्रोजेक्ट की फाइल कहां फंसी है इसकी जानकारी वेब पोर्टल पर ही लोगों को मिल जानी चाहिए। तकनीक का जितना अधिक इस्तेमाल होगा, भ्रष्टाचार उतनी ही तेज गति से खत्म होगा।