बच्चों को स्कूल से घर छोड़ने जा रही सिटी मॉन्टेसरी स्कूल की बस ने शनिवार को मानकनगर इलाके में पारा ओवरब्रिज के पास बाइक सवार दो छात्रों को टक्कर मार दी।
हैंडल फंसने से बाइक समेत छात्र करीब बीस मीटर तक बस के साथ घिसटते रहे। हादसे में हादसे में दोनों छात्रों सचिन यादव (17) और उदय लोधी (17) ने दम तोड़ दिया।
पारा के हंसखेड़ा निवासी सचिन और उसका दोस्त उदय आलमबाग से अपने घर लौट रहे थे। हादसे के बाद ड्राइवर और कंडक्टर बच्चों को वहीं छोड़कर भाग निकले।
दुर्घटना से गुस्साए लोगों ने दोनों बच्चों का शव रखकर तीन घंटे तक हाईवे जाम रखा। सीएमएस स्कूल की ही दूसरी बस फूंक दी और पथराव कर एक ट्रक के शीशे तोड़ दिए।
स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया। बाद में मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
बच्चे चिल्लाते रहे, ड्राइवर ने नहीं रोकी बस
हादसे के बाद दोनों छात्रों को घिसटते देख बस में सवार बच्चों ने गाड़ी रोकने के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया, लेकिन ड्राइवर ने बस नहीं रोकी। बच्चों का कहना है कि ड्राइवर अक्सर ही लापरवाही के साथ बस चलाता था।
छात्रों को कुचलने वाली बस पम्मी बस सर्विसेज की थी जो सीएमएस से अटैच थी। आक्रोशित लोगों ने पुराने डीआरएम ऑफिस के सामने बीच सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
एक्सीडेंट करने वाली बस फूंकने की कोशिश की तो मौके पर पहुंची पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें तितर-बितर किया।
फिर बस को थाने भिजवा दिया। इससे लोग और भड़क गए और वहां खड़ी सीएमएस की दूसरी बस को फूंक दिया। पथराव करके ट्रक समेत तीन गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले।
पुलिस ने बेकाबू हो रहे प्रदर्शनकारियों को आंसू गैस के गोले दागकर व लाठियां फटकार कर खदेड़ा। दमकल की मदद से आग बुझवाई।
पारा के हंसखेड़ा निवासी साइकिल व्यवसायी राम प्रताप यादव का बेटा सचिन सेंट एंथोनी स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र था।
बच्चों को छोड़कर भाग गया ड्राइवर
पिता की नई पल्सर बाइक लेकर सचिन अपने दोस्त उदय लोधी के साथ आलमबाग से अपने घर लौट रहा था।
इस बीच दोपहर तीन बजे सीएमएस चौक शाखा के बच्चों को लेकर सीएमएस एलडीए ब्रांच कानपुर रोड जा रही बस ने बाराबिरवा चौराहे के पारा ओवरब्रिज के पास उन्हें टक्कर मार दी।
हादसे के बाद चालक और कंडक्टर बच्चों को वहीं छोड़कर भाग निकले। सूचना पर परिवारजनों के साथ-साथ मोहल्ले के सैकड़ों लोग दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन किया।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी राजेश कुमार व एसीएम तृतीय शंकर मुखर्जी ने मृतकों के परिवारवालों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया तब जाकर लोग शांत हुए।
इसके बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भिजवाया गया। क्रेन की मदद से फूंकी गई बस को किनारे करवाकर हाईवे पर लगा जाम खुलवाया गया।
दुर्घटना के बाद राहगीरों की सूचना पर सीएमएस की तरफ से दूसरी बस मौके पर भेजी गई, जिससे बच्चों को स्कूल भिजवाया गया।