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यूपीः सीएमओ ने डीएम पर लगाया अपमानित करने का आरोप, स्वास्थ्य महानिदेशक को लिखा पत्र

Sat, 05 Sep 2020 09:07 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला,रायबरेली
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डीएम वैभव (बाएं) और सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा (दाएं) - फोटो : amar ujala
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कोरोना के संक्रमण के नियंत्रण के संबंध में शुक्रवार की रात कैंप कार्यालय में नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान सवालों का जवाब न देने पर डीएम वैभव श्रीवास्तव ने सीएमओ को कड़े शब्दों में फटकार लगाई। जिससे आहत सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा बैठक छोड़कर बाहर चले गए। साथ ही स्वास्थ्य महानिदेशक सहित अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर डीएम पर गंभीर आरोप लगाए। शासन के गंभीर होने के बाद शनिवार को डीएम चैंबर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कई घंटे तक वार्ता हुई। उधर, सोशल मीडिया पर सीएमओ का पत्र वायरल होने से हड़कंप मच गया। 

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डीएम कोरोना नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े सभी नोडल अधिकारियों की बैठक गत शुक्रवार की रात कैंप कार्यालय में बुलाई थी। बैठक में सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा, सीडीओ अभिषेक गोयल, एसडीएम सदर शालिनी प्रभाकर, एसीएमओ डॉ. खालिद रिजवान, डॉ. एके चौधरी, डॉ. राधाकृष्णा समेत कई अधिकारी शामिल हुए। डॉ. मनोज शुक्ला के मीटिंग में शामिल न होने के मामले में डीएम का पारा चढ़ गया। डीएम के कई सवालों का सीएमओ जवाब नहीं दे पाए। इस पर उनको कड़ी फटकार लगाई, जिसके बाद सीएमओ मीटिंग छोड़कर बाहर चले गए। 

मामले में सीएमओ ने स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजकर डीएम पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सीएमओ ने लिखा है कि अपमान के कारण उनकी तबियत खराब हो गई, इसीलिए मीटिंग छोड़कर बाहर आ गए। उन्होंने ऐसे बर्ताव पर कोरोना वॉरियर्स के कार्य करने में असमर्थता जताई। साथ ही कार्रवाई का अनुरोध किया। मामला शासन तक पहुंचने के बाद शुक्रवार को डीएम व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित डीएम चैंबर में हुई। जिसमें सामंजस्य बनाकर कोरोना से जिले को बचाने का निर्णय लिया गया। 
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सीएमओ ने पत्र में यह लगाए आरोप
1- डॉ. मनोज शुक्ला भोजन व्यवस्था के प्रभारी हैं। उनकी पत्नी प्री कैंसर की स्थिति में होने के कारण लखनऊ जाने की अनुमति दी।
2-बैठक में डॉ. मनोज के न होने पर जिलाधिकारी गाली-गलौज पर उतर आए।
3-आए दिन जिलाधिकारी चिकित्साधिकारियों से अपमान की भाषा बोलते हैं, जिससे कार्य करना असंभव हो गया है। 

डीएम ने जो कहा वह गाली की श्रेणी में नहीं, दी क्लीनचिट
सीएमओ ने स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजा था, जिसकी एक प्रति प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) के अध्यक्ष लखनऊ व रायबरेली को भी भेजी गई थी। प्रांतीय शाखा की ओर से उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की गई थी। इसी क्रम में शनिवार को कलेक्ट्रेट में डीएम चैंबर में बैठक हुई, जिसमें संगठन पदाधिकारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यह बात तय हुई जो शब्द डीएम ने बोले थे वह गाली की श्रेणी में नहीं आते हैं। आम सहमति के बाद सभी भ्रांतियों को दूर कर मामले का निस्तारण करा दिया गया है। बैठक में पीएमएस संघ के अध्यक्ष डॉ. अल्ताफ हुसैन, सीएमओ के अलावा प्रभारी सीएमएस डॉ. बीरबल, सभी एसीएमओ, सभी सीएचसी अधीक्षक आदि अधिकारी शामिल हुए। 

बैठक में सीएमओ से जानकारियां मांगी गई, लेकिन वे सवालों का जवाब नहीं दे पाए, इसीलिए उन्हें फटकार लगाई गई। किसी का भी अपमान करने का प्रयास नहीं किया गया। जिले को कोरोना से बचाने के लिए सभी को मिलकर काम करना है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व पीएमएस संघ से वार्ता के बाद सभी प्रकार की गलतफहमियां दूर हो गई हैं।
वैभव श्रीवास्तव, डीएम

डीएम ने बैठक में अपमान किया था। इसी कारण उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है। शनिवार को डीएम से वार्ता के बाद निर्णय लिया गया है कि यदि दोबारा अपमान करने का प्रयास किया गया तो सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। अधीक्षकों ने इस्तीफे की पेशकश की है। दोबारा ऐसी नौबत आने पर अधीक्षकों समेत वे इस्तीफा देने पर विवश हो जाएंगे।
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डॉ. संजय कुमार शर्मा, सीएमओ

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