लखनऊ। केजीएमयू में ऑब्स्टेट्रिक क्रिटिकल केयर विषय पर रविवार को सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) हुई। इसमें मातृ मृत्यु दर को कम करने के उपायों पर चर्चा हुई। केजीएमयू के क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. अविनाश अग्रवाल ने कहा गर्भावस्था या डिलीवरी के दौरान अचानक शरीर की हालत बिगड़ने पर पॉइंट-ऑफ-केयर अल्ट्रासाउंड एक प्रभावी उपकरण है। इसके जरिए हार्ट, नसों और शरीर की स्थिति का तुरंत आकलन कर शॉक के कारण का पता लगाया जा सकता है। विशेषज्ञों ने शॉक को प्रबंधित करने के लिए सही समय पर फ्लूड देने पर जोर दिया। कार्यशाला में अलग-अलग राज्यों से आए 300 से अधिक सलाहकारों, पीजी छात्रों और स्वास्थ्यकर्मियों ने हिस्सा लिया। इनमें मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।