कैराना और नूरपुर उपचुनाव में पराजय के बाद योगी सरकार और भाजपा संगठन मिशन 2019 का रोडमैप तैयार करने में जुटेंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री संगठन के साथ पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलग-अलग स्थानों पर क्षेत्रीय बैठकों में शामिल होंगे।
वे सरकार और पार्टी के कामकाज का जमीनी फीडबैक लेकर लोकसभा चुनाव का रोडमैप तैयार करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल एक जून को इटावा में क्षेत्रीय बैठक में शामिल होंगे।
पहले फूलपुर व गोरखपुर लोकसभा उपचुनावों में भाजपा की हार के बाद कार्यकर्ताओं की नाराजगी, धरातल पर सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंचने, सांसदों और विधायकों की सुनवाई नहीं होने जैसे मुद्दे उभर कर आए थे। अब कैराना न नूरपुर में हार मिली है। इनसे सबक लेते हुए भाजपा ने मिशन 2019 के तहत कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को संतुष्ट करने, स्थानीय समस्याओं और आवश्यकताओं को लोकसभा चुनाव से पहले पूरा करने की योजना बनाई है।
ये है शिड्यूल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय।
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भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर सत्ता और संगठन के शीर्ष नेता क्षेत्रों में जाकर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे। 1 जून को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की बैठक इटावा में रखी गई है। 2 जून को अवध क्षेत्र की बैठक हरदोई में और 3 जून को काशी क्षेत्र की बैठक भदोही में होगी। मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष इस दौरान क्षेत्र के भाजपा सांसदों, विधायकों, जिलाध्यक्षों, क्षेत्रीय पदाधिकारियों और जिला पदाधिकारियों से रूबरू होंगे। सभी से स्थानीय मुद्दों पर चर्चा के साथ उनकी समस्याएं भी सुनी जाएंगी।
फेरबदल का आधार बनेगा फीडबैक
क्षेत्रों के फीडबैक के आधार पर सरकार और संगठन 2019 का रोडमैप तैयार करेगा। संभवत: इसी फीडबैक के आधार पर भाजपा संगठन में जिला, क्षेत्र और प्रदेश स्तर पर टीम में फेरबदल किया जाएगा। मंत्रिमंडल में फेरबदल में भी इस फीडबैक की अहम भूमिका होगी। क्षेत्र की जरूरतों और जनता की मांग के आधार पर सरकार अपना खजाना भी खोलेगी।