फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कन्या भ्रूण हत्या की जानकारी दी तो मिलेंगे दो लाख रुपए, जानें सरकार की ये योजना

Wed, 21 Jun 2017 03:44 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
विज्ञापन
डेमो - फोटो : demo pic
विज्ञापन
यूपी सरकार कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए ‘मुखबिर’ योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत भ्रूण लिंग की पहचान बताने वाले नर्सिंग होम व अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर शिकंजा कसा जाएगा।
विज्ञापन


इनके बारे में सूचना देने व इन्हें पकड़वाने वालों को सरकार दो लाख रुपये तक का पुरस्कार देगी। प्रदेश में घटते लिंगानुपात से सरकार काफी चिंतित है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 में स्थिति और भी भयावह है। प्रदेश में लिंगानुपात 922 से घटकर अब 903 पर आ गया है।

यानी एक हजार लड़कों पर सिर्फ 903 लड़कियां ही हैं। इसे देखते हुए योगी सरकार ‘मुखबिर’ योजना शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री इस योजना का शुभारंभ 24 जून को करेंगे।
विज्ञापन


योजना के तहत तकनीक का दुरुपयोग कर भ्रूण लिंग का परीक्षण कर बेटियों को जन्म लेने से रोकने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह योजना पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत शुरू की जा रही है।

‘मुखबिर’ योजना के तहत प्रदेश के उन अल्ट्रासाउंड सेंटरों और नर्सिंगहोम को चिह्नित किया जाएगा जो गर्भवती महिलाओं में कन्या भ्रूण होने की जानकारी साझा करते हैं। इस योजना में ऐसे लोगों को पकड़वाने में एनजीओ की भी मदद ली जाएगी।

 
विज्ञापन

पीएम मोदी ने भी जताई ‌च‌िंता

पीएम मोदी - फोटो : demo pic
सटीक जानकारी देने वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सूचना मिलने पर एक टीम संबंधित केंद्रों पर छापेमारी करेगी। इस योजना के तहत रंगे हाथों अल्ट्रासाउंड सेंटरों को पकड़वाने वाले मुखबिर व गर्भवती महिला को दो लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा।

यूपी में मुखबिर योजना राजस्थान की तर्ज पर तैयार की गई है। स्वास्थ्य विभाग के नेशनल हेल्थ मिशन व महिला कल्याण विभाग के अफसरों ने राजस्थान का दौरा कर इस योजना की बारीकियों को समझा है।

इसमें अलग-अलग चरणों में इनाम की अलग-अलग व्यवस्था है। गड़बड़ी करने वाले अल्ट्रासाउंड सेंटरों व नर्सिंग होम की सूचना देने पर, इन्हें रंगे हाथों पकड़वाने पर, चार्जशीट दाखिल होने पर व सजा होेने पर मुखबिर को अलग-अलग प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

यूपी के तीन जिले जालौन, बागपत व बुलंदशहर ऐसे हैं जिनमें लिंगानुपात की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। इसको लेकर खुद प्रधानमंत्री मोदी भी चिंता जता चुके हैं। उन्होंने यूपी सरकार को यहां की दशा सुधारने के लिए एक पत्र भी लिखा है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में स्थिति ज्यादा खराब है वहां अधिक ध्यान दिया जाए।

खराब लिंगानुपात वाले जिले
जिला    लिंगानुपात (प्रति 1000)
जालौन         653
बागपत         763
बुलंदशहर    886
बिजनौर       800
लखनऊ       870
इटावा          813
हरदोई         803
झांसी          815
मेरठ           858
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें