मुख्यमंत्री योगी ने कठवारा पीएचसी और रामगढ़हा में कोविड के हालात का निरीक्षण किया। इस दौरान कोरोना के एक पीड़ित व्यक्ति ने सरकारी दावों की सारी पोल खोल दी। उसने बताया कि उसे किसी तरह की सरकारी मदद नहीं मिली, बल्कि निजी अस्पताल में 70000 रुपये खर्च करने पड़े।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना के संकट काल में जरूरतमंदों की मदद को लेकर भले ही कितने भी दावे करें, लेकिन उनके निरीक्षण में जिला प्रशासन के दावों की सारी पोल खुल गई। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी ने कठवारा पीएचसी और रामगढ़हा में कोविड के हालात का निरीक्षण किया।
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इस दौरान वह रामगढ़हा गांव निवासी जगमोहन के घर गए। वहां उन्होंने जगमोहन से उसका हाल चाल लिया। उससे दवाओं की किट की जानकारी ली। हालांकि उस समय अधिकारियों के दबाव में वह कुछ बोल नहीं पाया। बाद में उसने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि उसे बीते 25 तारीख को कोरोना हुआ था।
कोई सरकारी डॉक्टर या आशा बहु उसे देखने नहीं आई। अंत में अम्बे अस्पताल में प्राइवेट में दवा करानी पड़ी। इसमें जगमोहन के 70 हजार रुपये खर्च हो गए। उसे कोरोना संक्रमण है यह सुनकर प्रशासन के सभी लोग दूर भाग गए। किसी अधिकृत व्यक्ति ने सुध नहीं ली। उन्हें न सरकारी किट मिली, न कोई मदद, लेकिन अब मुख्यमंत्री देखने पहुंचे।