इस दौरान सामने आया कि कई योजनाओं में कुछ जिलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ जिलों में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही। लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी जैसे जिलों में योजनाओं का लाभ महिलाओं तक बेहतर ढंग से पहुंचा, जबकि श्रावस्ती, संभल, महोबा, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर आदि में विशेष प्रयासों की आवश्यकता है। सीएम ने निर्देश दिए कि ओडीओपी मार्जिन मनी योजना के अंतर्गत महिलाओं को लाभांवित करने के लिए जिलों में विशेष अभियान चलाया जाए। जहां अभी तक महिलाओं को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है, वहां विशेष प्रयत्न किए जाएं। तकनीकी संस्थानों, कौशल प्रशिक्षण केंद्रों और व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का विशेष कार्यक्रम चलाएं। प्रशिक्षण से बाहर हो चुकी महिलाओं को दोबारा जोड़ने के लिए जिलों में विशेष 'पुनः नामांकन इकाई' स्थापित करें। स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र से जुड़ी शिक्षा में महिलाओं को आगे लाने हेतु पैरामेडिकल संस्थानों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। महिलाओं को ड्राइवर और कंडक्टर जैसे कार्यों में अवसर दिए जाएं। उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की कि वे इस सूचकांक को केवल रिपोर्ट मानकर न छोड़ें, बल्कि इसे कार्य का आधार बनाएं और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से प्राप्त करें।