मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को एक सुनियोजित शहर के रूप में विकसित करने करने प्रस्तावि महानगर योजना-2031 में जोनल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के आस.पास के क्षेत्रों में कॉमन बिल्डिंग कोड लागू करने साथ ही जन्मभूमि के आसपास के क्षेत्र को धार्मिक भू-उपयोग किए जाने का प्रावधान करने को भी कहा है। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित महायोजना के मूल में ईज़ ऑफ लिविंग को आधार बनाने और शहर को नगरीय विकास के एक ‘मॉडल शहर’ के तौर पर विकासित करने की रूपरेखा तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री सोमवार को यहां आावास विभाग के अधिकारियों के साथ अयोध्या नगर महायोजना 2031 तैयार करने के कार्यों की अब तक की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अयोध्या के विकास के लिए 84 कोसी शास्त्रीय सीमा को आधार बनाते हुए अयोध्या विजन डॉक्यूमेंट में तय कार्ययोजना का समयबद्ध तरीके से क्त्रिस्यान्वयन करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में अयोध्या की आबादी करीब साढ़े पांच लाख की है और 2031 तक यह 11-12 लाख तक पहुंच जाएगी। राम मंदिर बनने से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। इसलिए प्रस्तावित महायोजना में भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए सुविधाओं का भी प्रावधान किया जाए।
उन्होंने अयोध्या चौक के विकास की कार्ययोजना तैयार करने में अयोध्या की संस्कृति, लोकाचार, इतिहास का भी ध्यान रखने और सभी चौराहों के नाम त्रेतायुगीन ऋषियों, विदुषी नारियों, रामायण के महान चरित्रों के नाम पर रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जोनल प्लान तैयार करने में अनधिकृत निर्माण रोकने के पुख्ता प्रबंधन करने पर खास फोकस करने को कहा है। साथ ही अयोध्या में अनियोजित विकास को प्रत्येक दशा में रोकने और अयोध्या को क्लाइमेट फ्रेंडली शहर का दर्जा देने के लिए सरयू में ग्रीन फ्यूल वाली बोट, स्टीमर आदि केसंचालन को ही अनुमति देने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने महायोजना में शहरी क्षेत्र में सुगम यातायात के साथ ही औद्योगिक एवं व्यवसायिक क्षेत्रों के विकास और पार्किंग आदि की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के वाहनों को श्रीरामजन्मभूमि मंदिर से अधिकतम 2 किलोमीटर और पर्व त्योहारों के मौके पर अधिकतम 5 किलोमीटर पहले ही पार्किंग की सुविधा दी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि महायोजना के अन्तर्गत अयोध्या से जुड़ने वाले लखनऊ, सुलतानपुर, रायबरेली, अम्बेडकर नगर, गोरखपुर और गोंडा रोड पर 6 प्रवेश द्वार के निर्माण के लिए स्थलों का चयन कर समस्त मार्गों पर ट्रान्सपोर्ट सुविधाओं को चिन्हित किया जाए।
24 घंटे पेयजल आपूर्ति की होगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था के लिए वाटर वैलेंस तैयार करने को कहा है। साथ ही सीवर नेटवर्क को भूमिगत करने, अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने और ग्रीनफील्ड टाउनशिप के कार्यों को शीघ्र शुरू करने केभी निर्देश दिए हैं।