सीएम ने कहा कि भारत ने सबसे पहले महिलाओं को मताधिकार की शक्ति दी। पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित करके विधायिका में एक तिहाई सदस्य महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया। यह भी दुनिया में सबसे पहले भारत में हुआ है। हमारा सौभाग्य है कि हम आजादी के अमृत काल में संविधान के अमृत महोत्सव को मना रहे हैं। उन्होंने 2019 में उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद में नागरिक कर्तव्यों पर आयोजित विशेष सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिक अधिकार और कर्तव्य दोनों ही लोकतंत्र के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। केवल अधिकारों की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संविधान में बताए गए नागरिक कर्तव्यों का पालन करना भी आवश्यक है।
छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘संविधान से आदर्श और मूल्य’ विषय पर आयोजित वाद-विवाद और निबंध प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों को संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने और इसके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी। इस दौरान भारत के लोकतंत्र और संविधान से संबंधित एक डॉक्यूमेंट्री का भी प्रसारण किया गया, जिसमें संविधान निर्माण से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं और बहसों को दर्शाया गया।