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सीएम योगी बोले: कांग्रेस ने संविधान में चुपके से जोड़े सेक्युलर और समाजवादी शब्द, अंबेडकर ने नहीं लिखे ये शब्द

Wed, 27 Nov 2024 07:13 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Constitution Day: योगी ने संविधान दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर की अगुवाई में बनी संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमेटी ने देश को एक सशक्त भविष्य दिया। 
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सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उसने संविधान की उद्देशिका से छेड़छाड़ की थी। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जो संविधान दिया था, उसमें ‘सेक्युलर’ और ‘समाजवादी’ शब्द नहीं थे। जब यह देश के नागरिक अधिकार निरस्त किए गए थे, इमरजेंसी थी, तब कांग्रेस ने चोरी छिपे तब इन दो शब्दों को संविधान में जोड़कर उसकी आत्मा का गला घोंटने का काम किया था।

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योगी ने संविधान दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर की अगुवाई में बनी संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमेटी ने न्याय, समता और बंधुता जैसे मूल्यों को संविधान में शामिल कर देश को एक सशक्त भविष्य दिया। संविधान हर जाति, मत और मजहब के व्यक्ति को समान मताधिकार देता है। भाजपा सरकार ने संविधान के प्रति लोगों की आस्था को मजबूत किया है। जो लोग देश की जनता को गुमराह करते हैं, उनकी भावनाओं के बारे में देश की जनता को जानना जरूरी है। इनका चेहरा वास्तव में लोकतांत्रिक नहीं है। 

ये तानाशाही, फासीवादी मानसिकता के साथ काम करने वाले लोग हैं। जब भी अवसर मिलेगा, ये अपनी हरकत से बाज नहीं आएंगे। दलित, अति पिछड़ी जाति के लोगों को मिले संवैधानिक अधिकारों के बारे में किस प्रकार की टिप्पणियां ये करते हैं, किसी से छिपा नहीं है। इस दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह समेत कई मंत्री, विधायक और अधिकारी उपस्थित रहे।

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महिलाओं को दी मताधिकार की शक्ति

सीएम ने कहा कि भारत ने सबसे पहले महिलाओं को मताधिकार की शक्ति दी। पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित करके विधायिका में एक तिहाई सदस्य महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया। यह भी दुनिया में सबसे पहले भारत में हुआ है। हमारा सौभाग्य है कि हम आजादी के अमृत काल में संविधान के अमृत महोत्सव को मना रहे हैं। उन्होंने 2019 में उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद में नागरिक कर्तव्यों पर आयोजित विशेष सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिक अधिकार और कर्तव्य दोनों ही लोकतंत्र के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। केवल अधिकारों की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संविधान में बताए गए नागरिक कर्तव्यों का पालन करना भी आवश्यक है।

छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘संविधान से आदर्श और मूल्य’ विषय पर आयोजित वाद-विवाद और निबंध प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों को संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने और इसके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी। इस दौरान भारत के लोकतंत्र और संविधान से संबंधित एक डॉक्यूमेंट्री का भी प्रसारण किया गया, जिसमें संविधान निर्माण से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं और बहसों को दर्शाया गया।
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