मुख्यमंत्री ने कहा, पुलिस भर्ती के 42 हजार प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहे हैं। पुलिस भर्ती का पेपर लीक नहीं हुआ, एक पेपर पहले खुल गया था। पहले सत्ता के संरक्षण में सॉल्वर घूमते रहते थे। हमें ये विरासत में मिले हैं। अब वे एसटीएफ की गिरफ्त में आ रहे हैं।
पहली बार भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से चल रही है। शिक्षक, ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती पूरी पारदर्शिता से चल रही है। 69 हजार शिक्षकों की भर्ती, 50 हजार पुलिस भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। विश्वविद्यालयों में पूरी पारदर्शिता से भर्तियां संपन्न कर ली गई हैं। पहले इंटरव्यू में धांधली होती थी, हमने इंटरव्यू समाप्त कर दिए हैं। झोला लेकर वसूली की व्यवस्था समाप्त हो गई है।
शिक्षक भर्ती पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक न्यायाधीश ने इसकी सीबीआई जांच का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगा दी है। उस आदेश में पूर्वाग्रह झलकता था। 68,500 शिक्षकों की भर्ती में 1.05 लाख आवेदन आए। इनमें से 41,500 अभ्यर्थी पास हुए। हमने सभी अभ्यर्थियों को कॉपी चेक कराने की सुविधा दी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी समेत बेसिक शिक्षा के अन्य अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई।
सचिव ने तनातनी के चलते दिया इस्तीफा, मंजूर किया
योगी ने कहा कि सचिव और अध्यक्ष की आपसी लड़ाई के चलते अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया है। उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। यूपीएसएससी ही नहीं, किसी भी आयोग में सरकार का हस्तक्षेप नहीं है। किस एजेंसी को काम दिया है, यह आयोगों का अधिकार है।