योगी सरकार ने 24 सहकारी और चीनी निगम की मोहिउद्दीनपुर मिल से जुड़े किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान का रास्ता साफ कर दिया है। सहकारी मिलों को 885 करोड़ और मोहिउद्दीनपुर मिल को 23 करोड़ रुपये रिलीज कर दिए गए।
साथ ही अवध क्षेत्र की सुल्तानपुर (सुल्तानपुर) मिल को 19 करोड़, महमूदाबाद (सीतापुर) मिल को 34.21 करोड़ और नानपारा (बहराइच) मिल को 36.32 करोड़ रुपये मिले हैं। अगले सप्ताह तक राशि किसानों के खातों में पहुंच जाएगी।
प्रमुख सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग संजय आर भूसरेड्डी का कहना है कि सरकार ने 908 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि पेराई सत्र 2017-18 में कुल 3059.46 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा गया था।
इसमें से 1919.31 करोड़ का भुगतान किया गया था जबकि 1140 करोड़ का बकाया है। सरकार ने इसके लिए उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ को 885 करोड़ रुपये की राशि ऋण स्वरूप दी है। 10 सालों में इसकी अदायगी 14 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से होगी।
नियमित अदायगी पर मिलों को 2.50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस स्थिति में ऋण की दर 11.50 प्रतिशत रहेगी। पहली किस्त ऋण लेने की तारीख से एक साल बाद देय होगी। मोहिउद्दीनपुर मिल ने 148.23 करोड़ का गन्ना खरीदा और 118.63 करोड़ का भुगतान कर दिया है। इस तरह मिल पर 29.60 करोड़ मूल्य अवशेष है। इसके लिए राज्य सरकार ने 23 करोड़ का ऋण दिया है।
सरकार से धनराशि मिलने के बाद शेष बकाया का भुगतान मिल अपने संसाधनों से करेंगे। इसमें चीनी बिक्री भी शामिल है। इन मिलों से जुड़े किसानों का संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान नए गन्ना पेराई से पहले कर दिया जाएगा।