मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अयोध्या पहुंचे। राम मंदिर के मुद्दे को बार-बार संतों द्वारा उठाये जाने पर सीएम ने कहा कि संतों को इस मुद्दे पर कुछ समय और धैर्य रखने की जरूरत है।
हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में निवास करते हैं। यहां न्यायपालिका की अपनी भूमिका है। हमें उसकी मार्यादा को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा कि संतों की भावना देश के बहुसंख्य लोगों की भी भावना है। इसका समाधान जरूर आएगा, लेकिन उसके लिए सामाजिक तनाव को बढ़ाने के बजाए खत्म करने की जरूर है।
गौरतलब है कि पूर्व सांसद व राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ राम विलास दास वेदांती समेत कई संत राम मंदिर निर्माण को लेकर हो रही लेटलतीफी पर बीजेपी सरकार से नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं।
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विपक्ष पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि आज राम जन्मभूमि की बात वह लोग कर रहे हैं, जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलवायीं थी। भगवान राम की जन्म भूमि की पिछली सरकारों में जो उपेक्षा हुई है, वह किसी से छिपी नहीं है। पिछले एक साल में बीजेपी सरकार ने अयोध्या को वैश्विक पहचान दिलाने का काम किया है।
राजधानी लखनऊ से हेलीकॉप्टर के जरिए दोपहर करीब 3 बजे फैजाबाद पहुंचे सीएम योगी ने अशर्फी भवन में महंत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की।
इस दौरान अयोध्या के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। अशर्फी भवन और कार्यक्रम स्थल के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सीएम योगी अयोध्या के लिए बनी कई नई योजनाओं को संतों के समक्ष प्रस्तुत किया।