यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ियों के रास्ते से गूलर के पेड़ छंटवाने के निर्देश जारी होने के बाद से ये खबर सुर्खियों में है कि सीएम अंधविश्वास को बढ़ावा दे रहे हैं या पेड़ काटने की बात कर रहे हैं। दरअसल उन्होंने कांवड़ियों की एक मान्यता के चलते ये आदेश दिया है और पेड़ काटने नहीं बल्कि छांटने का आदेश है। सीएम ने सावन के महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा की तैयारी के लिए कुछ दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सारी तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि कांवड़ियों को कोई दिक्कत न हो।
इसी क्रम में सूचना विभाग की तरफ से जारी विज्ञप्ति में सीएम की तरफ से आदेश है, ‘गूलर जैसे काँवड़ियों द्वारा अपवित्र माने जाने पेड़ों की छंटाई की जाए।’ दरअसल सीएम ने गूलर के पेड़ काटने नहीं बल्कि छांटने के लिए कहा है। विज्ञप्ति के मुताबिक कांवड़िये इस पेड़ को अपवित्र मानते हैं इसलिए छांटा जाए।
बता दें कि कांवड़ मेले में हरिद्वार से जल भरकर जाने वाले कांवड़िये गूलर के पेड़ के नीचे से जाने से बचते हैं। मान्यता है कि अगर गूलर के पेड़ के नीचे से शिवभक्त कांवड़ लेकर जाते हैं तो उनकी यात्रा सफल नहीं होती। हालांकि गूलर को लेकर दो तरह की मान्यताएं हैं। कुछ लोग इसे देववृक्ष मान्यते हैं और इसकी जड़ से लेकर फूल (दुर्लभ) तक को शुभ मानते हैं। वहीं गूलर के पेड़ में कई औषधीय गुण भी हैं। गौरतलब है कि सीएम योगी भी शिव जी के बड़े भक्त हैं।
कांवडि़यों के अपवत्रि माने जाने की मान्यता के चलते सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें असुविधा न हो। इसके अलावा सीएम ने कहा कि मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम हों। योगी ने कहा, कांवड़ यात्रा में व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि कांवड़ियों को बदलाव नजर आए। इसके लिए धन की कमी आड़े नहीं आएगी।
मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान डीजे बजाने पर कहा, सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्थाओं का पालन करते हुए कांवड़ यात्रियों को एक निश्चित डेसिबल तक ही ध्वनि प्रसारकों की अनुमति दी जाए। बिना अनुमति किसी को डीजे आदि न बजाने दिया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि डीजे पर फिल्मी, अश्लील व भड़काऊ गाने न बजें। सीएम ने महिलाओं की सुरक्षा का ध्यान रखने की भी सख्त हिदायत दी है।