मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वित्तीय स्वीकृतियां तेजी से जारी करने पर जोर का असर नजर आने लगा है।
चालू वित्त वर्ष के पांच महीने बीते हैं, लेकिन ज्यादातर बड़े विभागों की 50 फीसदी से ज्यादा वित्तीय स्वीकृतियां जारी हो गई हैं।
प्रदेश का नया बजट आने के बाद अपर मुख्य सचिव वित्त अनूप चंद्र पांडेय ने वित्तीय स्वीकृतियों को समय से जारी करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे।
इसके बाद मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव राजीव कुमार तक लगातार वित्तीय स्वीकृतियों पर जोर बनाए हुए हैं।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल से अगस्त तक जारी वित्तीय स्वीकृतियों की समीक्षा की।
नियोजन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि समीक्षा में पता चला कि कुल बजट की करीब 68 फीसदी की स्वीकृतियां शासन स्तर से जारी हो चुकी हैं।
हालांकि विभागाध्यक्षों के स्तर पर कई विभागों में इस काम में कुछ सुस्ती नजर आई। 400 करोड़ से अधिक बजट वाले विभागों की विस्तार से समीक्षा की गई। ऐसे 33 विभागों में से दो तिहाई विभाग 50 फीसदी से अधिक बजट जारी कर चुके थे।
एक तिहाई विभागों ने इससे कम बजट जारी किया था। इनमें आवास एवं शहरी नियोजन, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, बाल विकास एवं पुष्टाहार, ग्र्राम्य विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, सिंचाई एवं जल संसाधन व औद्योगिक विभाग शामिल रहे।