राजधानी लखनऊ में डालय 100 के एक कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर जहां एक ओर पीठ थपथपायी वहीं कुछ मुद्दों को लेकर नाराजगी भी व्यक्त की। सीएम योगी ने कहा कि देश का सबसे बड़ा राज्य होने की वजह से यहां चुनौतियां बड़ी हैं। जातीय संक्रमण इसे और जटिल बनाते हैं। यहां पुलिस से अपेक्षाएं अधिक रहती हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बेहतर काम करने वाले पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री पुलिस पदक से भी नवाजा। पदक पाने वालों में एडीजी मेरठ प्रशांत कुमार, आईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार, एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि पुलिस को आमजन के साथ मानवीय व्यवहार करना चाहिए, जबकि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
जब काम में हस्तक्षेप नहीं तो रिजल्ट क्यों नहीं
हालही में हुई कुछ घटनाओं की ओर इशारा करते हुए सीएम ने पुलिस अधिकारियों की क्लास भी लगाई। उन्होंने कहा कि जब पुलिस के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं है तो रिजल्ट क्यों नहीं आ रहा?
आपको सारी सुविधाएं दी, इसके बाद भी कार्रवाई के लिए मुझे फोन करना पड़ता है।
एंटी रोमियो स्क्वॉयड को लेकर हुई किरकिरी पर भी सीएम ने पुलिस को आड़े हाथों लिया। कहा कि एंटी रोमियो स्क्वॉयड केवल तात्कालिक परिस्थिति के लिए नहीं था। अगर एंटी रोमियो स्क्वॉयड प्रभावी हो तो घटनाएं नहीं होगी।
पुलिस पेट्रोलिंग पुलिस का मार्च पास्ट नहीं है। पुलिस को जनता से जनसंपर्क बनाना चाहिए। आईजी और एडीजी अगर बाजार में जाएंगे और लोगों से बात करेगा तो स्थितियां बदल जाएंगी। टाइम पास करने के लिए फील्ड में मत जाइए। पुलिस की लापरवाही से हुई घटनाएं पूरे महकमे को बदनाम कर देती हैं।
दागी इंस्पेक्टर को मत दीजिए थाने
पुलिस थानों में इंस्पेक्टर की तैनाती लिए अधिकारियों को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दागी छवि वाले इंस्पेक्टर को थाना मत दीजिये। इसकी समीक्षा एडीजी और आईजी को करनी चाहिए। वहीं उन्होंने अधिकारियों को मुख्यालय छोड़कर जनता के बीच कैंप करने को कहा।
सीएम ने थानों के हालात पर भी नाराजगी व्यक्त की। साथ ही कहा कि कुछ अफसरों को हटाने के बाद वहां की जनता भगवान को प्रसाद चढ़ाती है। दो साल में आए 77 लाख मामलों में से 72 लाख मामलों का निस्तारण कर दिया गया है। आरक्षी पुलिस परिवार का हिस्सा है। उनके लिए भी काम होने चाहिए।